Wednesday, July 13, 2022

अजब गजब - ९७ : अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग , मोहगांव हवेली ( मध्य प्रदेश ). bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - ९७ : अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग , मोहगांव
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय
कर्णामृताय शशिशेखरधारणाय ।
कर्पूरकांतिधवलाय जटाधराय
दारिद्रदु:खदहनाय नमः शिवाय ।।

देस म १२ ज्योतिर्लिंग का पावन तीरथ स , आन् येक अरधो ज्योतिर्लिंग स . मध्य प्रदेस म महाकालेश्वर अन् ओंकारेश्वर इ दुइ ज्योतिर्लिंग स . आन् साडेबारा ज्योतिर्लिंग म को अरधो ज्योतिर्लिंग बी मध्य प्रदेस म च स . 
छिंदवाडा जिला क सौंसर तहसील म , महाराष्ट्र अन् मध्य प्रदेस क हद जवर सरपा नदी क काठ पर मोहगांव हवेली गांव म ' अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग स . मोहगांव हवेली सौंसर पासीन ६ कि.मी. , छिंदवाडा पासीन ६२ कि.मी. अन् नागपूर पासीन ७५ कि.मी. दूर स . 
मोहगांव हवेली म भगवान भोलेनाथ अर्धनारीश्वर सरूप म बिराजमान स . 
१२ ज्योतिर्लिंग आन् तिरपुर सुंदरी क मंझार क हिंद्यान पर इ तीरथ स . स्यास्तर क नुसार साडेबारावो ज्योतिर्लिंग सरपानी नदी क थडी प स . नदी को आकार सरप जसो आन् ॐ सरीखो स , असी मान्यता स . असी च सर्पा नदी , देऊर क पसचीम दिस्या म  मोहगांव ला स . येनअ नदी म येक कुंड स , जे को आकार सिवलिंग जसो स . दयीत गुरू सुक्राचार्य न येनच सर्पा नदी क काठा प मोठो जप तप कऱ्योतो , असी मान्यता स . भगवान भोलेनाथ वून पर परसन्न भया . गुरु सुक्राचार्य ला दरस्यन देयो आन् अर्ध्दनारीश्वर रूप म परगट भया . 
मोहगांव हवेली क अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग को दरस्यन कऱ्या बिगर १२ ज्योतिर्लिंग क दरस्यन को पुन्य अधूरो रव्हस , असी मान्यता स . 
इतिहास : * अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग तीरथ पुराना जमाना पासीन स . पह्यलो देऊर को बांधकाम ८ वी सदी म , परमार काल म भयो . 
* दुसरो बांधकाम १३ वी सदी म हेमाद्री पंत न कऱ्यो . 
*  रघुजी राजो ( नागपुर ) , राजो भोसले , राजो दलपत स्या ( देवगढ ) न येनअ देऊर की मरम्मत करी . 

बांधकाम : * देऊर क चार आंग चार दरुजा स . गाभार क चारी आंग ३ - ३ दरुजा स . 
* देऊर ला ३ परदकसिना पथ स . पह्यलअ आन् दुसरअ रस्ता क मंझार १२ दरुजा स , जी १२ ज्योतिर्लिंग का परतीक स . दुसरअ आन् तीसरअ रस्ता क मंझार ४ दरुजा स , जी ४ धाम का परतीक हि . येनअ तीरथ पर १२ ज्योतिर्लिंग अन् चार धाम क यातरा को पुन्य भेटस , असी मान्यता स . 
* सिवलिंग अरधो कारो अन् अरधो गोरो चिट्टो स . सिवलिंग क येनअ रूप ला महादेव पाराबती को परतीक मानस . 
* माघ आन् कारतिक मह्यना म सूर्व्य भगवान आपलअ किरन ज्योति कन् सिवलिंग कोई अभिसेक करस . 
कालसरप दोस : सर्पा नदी को आकार सरप जसो स . तेकन येनअ तीरथ पर कालसरप दोस निवारन की पूंजा करस . 
पर्व : महासिवरातरी ला यहान मेलो भरस . हर तिवार प यहान पूंजा पाठ , हरि किरतन , दही लाही होस . 

येक नमन गवरा पारबती हर हर महादेव....  

लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
 

1 comment: