Wednesday, July 6, 2022

अजब गजब - ९६ : बाबा रामदेव जी. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - ९६ : बाबा रामदेव जी
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
नमो भगवते नेतल नाथाय सकल रोग हराय सर्व सम्पति कराय ।
मम मनोभिलाषितं देहि देहि कार्यम् साधय , ॐ नमो रामदेवाय स्वाहा ।।

बाबा रामदेव जी का रामसा पीर , रामदेव जी , रामदेव पीर इ बी नाम स . बाबा रामदेव जी राजस्थान का परसिध्द लोक देवता स . बाबा रामदेव जी , लोकदेवता हडबू जी सांखला ( परमार ) को मावसभाई स . बाबा रामदेव जी की समाधि रामदेवरा ( जयसलमेर ) म पोकरन पासीन १० कि.मी. दूर स . 
बाबा रामदेव जी को जलम बि . स . १४०९ म भादवा क उजरी ( चांदनी ) दूज ला भयो . बाबा रामदेव जी का पिताजी अजमल जी तंवर '  रुणिचा ' का राजा होता . माय को नाव ' मैणादे ' आन् बडो भाई को नाव विरमदेव होतो . बाबा रामदेव जी ला दुइ बहिन होती , सगुना आन् लांछा नाव की . 
राजा अजमल जी नि : संतान होतो . भगवान किस्न देव की किरपा कन् वून ला पोटू बाटू भया . आन् भगवान न खुद बाबा रामदेव जी क रूप म जलम लेयो , असी मान्यता स . 
बाबा रामदेव जी क जलम क बेरा कयी चमत्कार भया . महाल म जेतरा पानी का बरतन होता वूई दूध कन् भर गया . आकासवानी भयी . आंगना म कुकू का पाऊंडना बन्या . देऊर की घंटी बाजन ला लागी . 
बाबा रामदेव जी को बिह्या अमरकोट ( पाकिस्तान ) को राज्यो दलपत जी सोढा परमार की पोटी नैतलदे ( निहालदे ) संग भयो . बाबा रामदेव जी का गुरू , गुरू बालीनाथ होतो . 
बाबा रामदेव जी न भयरव दयीत को वध कऱ्यो . 
रामदेवरा पासीन १० कि.मी. दूर पांच पीपली तीरथ स . यहान च बाबा रामदेव जी ५ मुसलमान साधु ला भेट्याता . बाबा रामदेव जी न आपलअ जीवन म २४ चमत्कार दिखाड्या . १५ सदी म जात पात , देव धरम घाडा कडक रिवाज का होता . पर बाबा रामदेव जी सबन जात धरम म सतसंग कऱ्यो आन् सामाजिक समरसता को संदेस देयो . सबन लोगना क भला साठी रामसरोवर खांद्यो . 
वूई हरदम आपलअ लीला नाव क पांढरअ घोडा की सवारी करत होता . 
बाबा रामदेव जी ला हर जातपात का , धरम का लोगना मानस . मुसलमान लोग वून ला रामसा पीर कोस ‌ . 
वि.स. १४४२ म बाबा रामदेव जी न जीतअ पन म समाधि लेई . बाबा रामदेव जी की परम भगत डाली बाई ला जब मालूम भयो क बाबा समाधि लेनी वाला स , तब डाली बाई न कह्ये क - बाबाजी तुमारअ पह्यले मु समाधि लेऊस . आन् वून न बाबा रामदेव जी क पह्यलअ समाधि लेई . 
रामदेवरा क देऊर म तीन समाधि स . मंझार म बाबा रामदेव जी , येक आंगअ बाबाजी को आजो रणसीजी आन् दुसरअ आंगअ माय मैणादे की समाधि स . बाबा रामदेव जी न समाधि लेई तब पासीन वहान अखंड जोत बर रहीस ‌. 
हर साल रामदेवरा म भादवा  मह्यना क उजरी दूज पासीन येकादसी वरी मोठो मेलो भरस . हर जाति धरम का १५ लाख लोगना बाबाजी क दरस्यन साठी आवस . 
महान समाजसुधारक , लोकदेवता बाबा रामदेव जी ला कोटी कोटी नमन ....

( सहयोग : इंजि . जालम सिंग सोढा , बिकानेर )
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

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