Monday, July 18, 2022

बहुड्डो ( भोयरी कविता ). bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

बहुड्डो
 Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

दिसी चवरी कुंजर
लायो कवरो कुकुड्डो
नागपंचमी ला बोयो
बाई साजरो बहुड्डो ।१।

खेत म को भासपालो
गुनधरम को वड्डो
झाक कन् धरे बाई
सोनपिवरो बहुड्डो ।२।

झरझर पाझरेस
डुंगी जवर को बड्डो
भरभर बाहाडेस
कवतिक को बहुड्डो ।३।

आसुक खोकला कन्
जरजरेस नड्डो
चवरी क आघअ पूंज्यो
पोह्यती ला जी बहुड्डो ।४।

दिवाल पर लिख्योस
चितरंग को बहुड्डो
पूंज्या बाट्यास जवारा
सिराय कन् बहुड्डो ।५।

महोबा को इतिहास
किरत सागर कड्डो
चंदरावली न पूंज्यो
कजिलयन बहुड्डो ।६।

रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

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