यादें _ सवाल की ! भाग ४
Hindi language _ हिंदी भाषा
' आप employee है या employer ? '
नागपुर में EMD department की साइट चालू थी . साइट के entrance की ओर से एक नाला आया था , जो साइट को पार कर दूसरी ओर निकलता था . Estimate में nala pitching and culvert का provision था . Culvert ( छोटासा पुलिया ) के लिए ६ Hume pipe और ४ coller लगनी थी .
अब hume pipe कहॉं से मंगाए / लाए ? _ यह प्रश्न था . मै सुपरवाइझर को साथ ले कर industrial area में गया . वहॉं hume pipe factory की खोजबीन में लग गये . आखीरकार एक जगह hume pipe दिखे . वहॉं hume pipe की size और rate की enquiry की . वहॉं काम पर मजदूर थे . उनके अलावा कोई स्टाफ नही था . अब बात कैसे बनेगी ? मजदूर का ' पता नहीं ' का पहाडा चालू था . बडी मुश्किल से factory तो ढुंढ लिए पर यहॉं जानकारी का प्रचंड अंध:कार था . Factory के बाहर निकले और रोड पर खडे हो गये ...... फैक्टरी की बोर्ड को देखा तो अक्षर और रंग धूंधले हो गये थे.... पता नहीं कितने सालों से पेंटिंग नही की थी !
हमि बोर्ड के पास गये और बडे गौर से उसे पढ़ने की कोशिश करने लगे . नीचे धुंधला सा फोन नंबर दिख रहा था , उसे नोट किया . यह फोन नंबर लग जाए तो अच्छा होगा , नही तो और खोजनी पडेगी दूसरी फैक्टरी _ मैने मन ही मन सोचा .
दूसरे दिन STD booth जा कर वह नंबर डायल किया . ४/५ कोशिश के बाद उधर से आवाज आई और मेरी जान मे जान !
' हैलो...' मैने अपनी बात की .
' आप ऑफिस मे आइए...' उधर से न्योता मिला .
मैने कंपनी का नाम पता नोट किया .
दूसरे दिन मै सुपरवाइझर को साथ ले कर उस कंपनी का ऑफिस खोजने में जूट गया . आखीरकार एक छोटासा ऑफिस मिल गया . यहॉं के बोर्ड की हालत भी फैक्टरी के बोर्ड जैसी ही थी . ऑफिस मे दो सज्जन बैठे थे .
मैने अपनी requirement बताई . उन्होंने रेट बताए . मै मोलभाव करने लगा . उनके चेहरे पर आश्चर्य था . मै पूरी शिद्दत से मोलभाव के मैदान में उतरा था . वे दोनों उलझन में !
' आप employee है या employer ? ' उन्होंने बाऊंसर डाला .
अब मैं हडबडा गया . इस अनपेक्षित सवाल का क्या मतलब ?
' मै employee हूं , लेकीन आप यह क्यों पूछ रहे हो ? ' मैने सावधानी से पूछा .
' आप रेट में bargaining कर रहे है , इस लिए पूछा . Employer bargaining करते है और employee commission पूछते है . ' उन्होंने कहा .
' ओह ! यह बात है . जी मैं employee ही हूं , लेकीन साइट का इन्चार्ज भी हूं . हम यहॉं परिवार की भॉंति कार्य करते है . इस लिए हर चीज नापतौल कर लेना मेरी जिम्मेदारी है .' मैने स्पष्ट किया .
वह मुझे ऐसे देखने लगा , जैसे मै एलियन हूं !
मैने रेट तय किया और उन्हे एडवांस की रकम अदा की .
' आप employee है या employer ? ' यह सवाल अभी भी मेरे आसपास भटकते रहता है ! ( क्रमशः )
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपुर
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