अजब गजब - ७५ : मुजावर सिव मंदिर
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
महेशं सुरेशं सुरारातिनाशं विभुं विश्वनाथं विभूत्यङ्गभूषम् ।
विरूपाक्षमिन्द्वर्कवन्हित्रिनेत्रं सदानन्दमीडे प्रभुं पञ्चवक्त्रम् ।।
भोयर समाज सिवभगत स ; महादेव पाराबती की पूंजा साल भर कोनतऽ न कोनतऽ रूप म करस च ! पुराना जमाना पासिन या परंपरा आय रहिस . आपरऽ पुरखाना न देस भर म सिवमंदिर बनायास . वोम को च येक देऊर स , " मुजावर सिव मंदिर " !
मध्यपरदेस क छिंदवाडा पासिन ३४ कि.मी. दूर मोहखेड विकासखंड को मुजावर गाव पुरानी बसाहटी म सामिल स . छिंदवाडा - बयतूल रस्ता प २५ कि.मी. दूर सांवरी बजार - मोरडोंगरी सडक स . सांवरी पासिन ९ कि.मी. दूर मुजावर गाव स . परासिया अन् जुन्नारदेव सिन उमरेठ - मोरडोंगरी होय कन् बी मुजावर गाव ला जाता आवस .
मुजावर गाव क येक सेला पर सिवमंदिर अन् तलाव दिसस , जी इतिहास कालीन स .
१ . इतिहास अन् मान्यता : * इतिहासकार सांगस क , इ देऊर १२०० बरस सिन बी पुरानो स . परमार वंसी महाराजा मुंज न येन देऊर ला बांध्येस , असा बी वूई सांगस !
* इ.स. १८७१ क ' सेंट्रल प्रोविंसेस गजेटियर ' अन् इ.स. १९०९ क ' इंपिरियल गजेटियर आफ इंडिया ' म मुजावर सिवमंदिर की जानकारी स .
* आजादी क बास्त लिखे ' छिंदवाडा जिला गजेटियर ' म मुजावर सिवमंदिर क खरऽ इतिहास की नोंद स .
२. बांधकाम : * मुजावर सिवमंदिर ला सिरफ पत्थर कन् बांध्येस . वोकी दिवालना ३ फूट सिन बी जास्त चवडी स . देऊर ला सूर्व्यामुखी अन् महादेव मुखी दरुजा स . देऊर को बांधकाम अन् कारागीरी अनुठो स .
* असोच येक देऊर ओंकारेश्वर ला अन् येक देऊर देवगढ़ क पायथा जवर क तलाव क काठऽ स .
३. उत्सव , मेला : * सरावन मह्यना म मुजावर सिवमंदिर म भगवान भोलेनाथ ला रोज अभिसेक होस . मह्यना भर अखंड रामायण , होम हवन रव्हस .
* कारतिक मह्यना म देऊर जवर क तलाव क काठऽ मोठी यातरा भरस.. मेलो लागस .
( सहयोग : इजि. जालमसिंह जी सोढा जोधपुर )
लेखक : इजि . सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर