महा तिवार दिवारी
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
नान्ही सी च दिवनाल
पडी अंधार ला भारी
आयी चान्नीना ले कन
महा तिवार दिवारी ।
लक्षुमी को वरदान
भयी खंडीनअ जवारी
आंब्या बार को संतरो
महा तिवार दिवारी ।
गायगोंधन को खेल
डोयरा की आयी बारी
धुमधडाल फटाका
महा तिवार दिवारी ।
वोवारनी भाऊबीज
फरार आन् सुवारी
खानपेन की स मज्या
महा तिवार दिवारी ।
माय को हिरदो मोठो
बांधस नव नवारी
दाआजी को लाड प्यार
महा तिवार दिवारी ।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
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