Tuesday, June 28, 2022

करे बतल बतल ( भोयरी कविता ). bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

करे बतल बतल
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

करे बतल बतल
मुंडा ला घाडो च जोर
भुंज्यो पापड नी टूटे
बारा गाव को मुजोर ।१।

करे चबर चबर
डाये उबारा म तेल
दूर सीन हात सेके
देखे झगडा को खेल ।२।

करे थतल थतल
वोला ना स्येंडो ना बुड
बिना पेंडी कन् रचे
भाऊ कडबा को गुड ।३।

करे कटर कटर
पुरावस घाडो नांदो
घर म देखनु त जी
उंदराना को च वांदो ।४।

करे कतर कतर
दुसरा क मंझार म
पासअ बारा गाडा बोंब
पर आघअ येटार म ।५।

देवबाप्पा न देयेस
येक मुंडो दुइ कान
आवबिचार को भेज्यो
आन् आंग को मकान ।६।

रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

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