पिस्टा ( भोयरी कविता )
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
खेती उम्मीद की बाडी
भऱ्या बाजरा का सिट्टा
केता झाक कन् धरू
घाडा पयद्यास चोट्टा ।१।
मिट्ठू पाखरू बांदरा
सारा वोरबाडे भुट्टा
दाना खाय कन् करे
पूरा कनीसना पिस्टा ।२।
कस्ट बाराई काल को
चारी किथीन च रट्टा
सुदसादअ मानूस ला
लागे केतरा जी बट्टा ।३।
थेथरन साठी टप्या
हर जागा सिलबट्टा
उबज्यास आंग पर
बदनामी का जी चट्टा ।४।
कबअ भोयेन देखजे
आये म्हरा अडसट्टा
तब रोयेन भाग ला
हर धडी आन् दाट्ठा ।५।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
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