खादोल
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
पाड पर आयो आम्बो
वोकअ सरीखो गोड नी
खादोल की चव ला
अमरीत की तोड नी ।१।
माय को पालव सर्ग
वोला कोनतो जोड नी
बाप क पान्हयना की
सुताई मारझोड नी ।२।
माय बाप क रस्ता ला
कहासीन बी मोड नी
बरे धडधड सप्पा
जग म उसा खोड नी ।३।
जिंदगी भर दे छाया
जनक जसो झाड नी
कहान बी घर जसो
ममता को रफाड नी ।४।
आसीरवाद को हाथ
मतलब की बाड नी
बरसस चारी कार
उलीसी बी उघाड नी ।५।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
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