Monday, August 1, 2022

निर्माण : भाग ११. hindi language _ हिंदी भाषा

निर्माण : भाग ११
Hindi language _ हिंदी भाषा

वेस्टर्न कोल इंडिया का और एक टेंडर मिला था . जंगल मे एक नई भूमिगत कोयला खदान शुरू हुई थी . जमीन स्तर से खदान के मुंह तक incline RCC box structure का काम था . साइट कैम्प , मजदूर , ठेकेदार , स्टाफ , मशिनरीज् , मटेरियल पहुंच गया था . एक महिना हो गया , काम का श्रीगणेशा नही हुआ था . 
एक दिन मै ड्रायव्हर को साथ लिए उस साइट पर पहुंचा . डिपार्टमेंट के इंजिनिअर शिकायत करने लगे . काम टर्मिनेट करने की धमकी देने लगे . मैने उन्हें जैसे तैसे समझाया और कैम्प पहुंचा . साइट पर पहुंचते ही सभी ने घेर लिया .. शिकायत पर शिकायत ! मै ऑफिस मे बैठा और एक एक ठेकेदार को बुलाने ने लिए कहा . पहले ढलाई काम वाला ठेकेदार आया . 
' साहब , हमें दुसरे साइट पर भेज दिजीए... एक महिना हो गया . घर से लाया चावल भी खत्म हो गया . यहॉं कोई काम धाम है नही . कितने दिन बैठ के खाएगे साहब .....' ठेकेदार ने कहा .
' मै साइट चालू कर के ही जाऊंगा... टेन्शन मत लो..' मैने कहा . 
एक एक सभी ठेकेदार आए और वही बात दोहराई . 
अब स्टाफ की बारी थी . 
' काम चालू क्यो नही किया अब तक.. यहॉं क्या खाने और सोने के लिए आए हो ? ' मैने साइट इंजिनिअर से पूछा . 
' साहब , खदान का खुदाई कार्य शुरू है . हमें जहॉं काम करना है , उस के बीच में से मिट्टी ढुलाई के लिए पटरी बिछाई है . हर आधे - एक घंटे में मिट्टी के डिब्बे खदान से उपर आते है . सेफ्टी ऑफिसर डिब्बे उपर आने के बीस मिनट पहले सब मजदूर को बाहर निकालता है . फिर डिब्बे खदान के भीतर जाने तक मजदूर बिना काम के बैठे रहते है . डिपार्टमेंट के इंजिनिअर भी co operate नही करते . काम कैसे करें साहब ? ' मेरे सवाल पर साइट इंजिनिअर ने प्रश्न चिन्ह लगाया . 
मै साइट पर गया . मुआवना किया . और कुछ समय बाद डिपार्टमेंट के ऑफिस गया . इस काम के लिए नियुक्त ज्युनिअर इंजिनिअर थे . मैने साइट की समस्या बताई . उन्होंने हाथ खडे कर दिए . खदान की खुदाई का काम एक सेमी गवर्नमेंट कंपनी कर रही थी . उनका नियंत्रण कंपनी के मायनिंग डिपार्टमेंट के हाथ में था . कंपनी मे मायनिंग डिपार्टमेंट और सिविल डिपार्टमेंट का रिश्ता सास - बहू का ! 
' आपकी सब बातें सही है ... लेकीन आपके सहकार्य के बिना यह काम नही हो सकता .. मै आया हूं और काम प्रारंभ कर के ही जाऊंगा... धन्यवाद .' मैने कहा . 
कैम्प ऑफिस आ कर work chart बनाया . सुपरवाइझर को सुबह से शाम तक कितनी बार और कितने समय के लिए मिट्टी के डिब्बे आते है , इसका निरिक्षण करने के लिए कहा . साइट इंजिनिअर को raft और wall steel की मेजरमेंट निकालने के लिए कहा . ठेकेदार को बुला कर कंक्रिट मिक्सर मशीन उचित जगह पर शिफ्ट करने लगाया . Steel ठेकेदार को लोहा सीधा करने बताया . शटरिंग ठेकेदार को शटरिंग की सफाई और मेकिंग के लिए बोला . 
कैम्प में आज थोडी रौनक लग रही थी . मुझे नींद नही आ रही थी . मिट्टी ढोने वाले डिब्बे , पटरी की खडखड की आवाज दिमाग मे हथौडे के माफ़िक़ गूॅंज रहे थे . 
तभी मंदरहा की थाप सुनाई दी . 
मजदूर के कैम्प के आगे अलाव के चारों ओर मजदूर बैठे थे . एक मंदरहा बजाने लगा . बाकी कुछ मजदूर छत्तीसगढी लोकगीत गाने लगे ....
खुनुर खुनुर सुर में बाजे , चुटकी चटक बोले रे...
बैरी पैरी ल छी , बैरी पैरी ल चिटको
सरम नइ लागे , पैरी ल चिटको
सरम नइ लागे , खुनुर खुनुर सुर में बाजे.....

रुनझुन रुनझुन सुनगुन सुनगुन
थिरक थिरक के बोले , थिरक थिरक के बोले
रुनझुन रुनझुन सुनगुन सुनगुन
थिरक थिरक के बोले , थिरक थिरक के बोले
मांदर  थाप थाप सुन नाचे , मांदर थाप
मांदर थाप थाप सुन नाचे , मांदर थाप
नवरस नवरंग घोले रे बैरी पैरी ल छी
खुनुर खुनुर सुर में बाजे.. खुनुर खुनुर....

लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

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