यादें _ सवाल की !
भाग - ११
Hindi language _ हिंदी भाषा
पहली कक्षा से बारहवी कक्षा तक एक सवाल , कुछ अपवाद छोड , सभी के लिए तक़लीफ़देह साबित होता है . अच्छा , इस सवाल को स्थल - काल बंधन नही है... उलटा यह सवाल पूछने वाले के लिए आनंददायी और औपचारिक होता है . उत्तरदाता इस सवाल से बचने की कोशिश करें तो करें कैसे ? प्रश्नकर्ता वरीष्ठ , रिश्तेदार , पहचान वाले और प्रश्न पूछने में माहिर होते है . प्रश्नकर्ता सोचता है की , इस प्रश्न द्वारा वह ब्रम्हांड के राज खोलने की क्षमता रखता है .
प्रश्नकर्ता के सवाल से ज्यादा खतरनाक होता है उनके तुलनात्मक अध्ययन से चिरफाड करने की कुशलता ! तथा प्रकाश गति से इस राज का प्रसार !
माता पिता के लिए यह प्रश्न गौरव का कम और अपमान का ज्यादा लगता है . अंतिम सांस तक संग्राम की तर्ज पर दो - चार सबल कारण बता कर , हीन भावना से उबरने की भरकस कोशिश करते है ....
इस प्रश्न का उत्तर वैयक्तिक न रह कर कौटुंबिक इज्जत का परचम बन जाता है .
' सवाल कौन सा है ? ' ....
रुको जरा , सबर करो....
यह जानलेवा सवाल है , " और , कितने परसेंट ( प्रतिशत ) मार्क्स मिले ? '
जिनका रिझल्ट आया है , उनके हिसाब से कम से कम ५ से १० % कम मिले है . ९२ % पाने वाले की अपेक्षा रहती है कम से कम ९८ - ९९ % की ! और ९० % के नीचे वालों की हालत तो इन से भी खराब .
घर में आये मेहमान , परिचित का यह सवाल प्रथम कर्तव्य जैसा होता है . और मॉं भी पानी ले कर हमें ही भेजती है . रणांगण में रचित चक्रव्यूह के आज अभिमन्यू बन जाते है हम ! पहले हम चक्रव्यूह में फंसते है... अपराधबोध से ग्रस्त हम हथियार डाल देते है . हमारे संपूर्ण पराजय के बाद परिचर्चा प्रारंभ होती है , जिस में हमारे पालक मजबूरन सामील होते है . हमारे प्राप्त अंको पर मंथन चालू होता है . चर्चा में प्रश्न कर्ता का तुलनात्मक अध्ययन इतना गहरा होता है की , माता पिता की दलीलें उसे पाट नही सकती . हम अपराध बोध से इतने ग्रसित हो जाते हैं की , लगता है _ हे धरती मॉं मुझे भी समा ले सीता माता की तरह अपने भीतर !
सवाल कर्ता के जाने के बाद घर की आबोहवा में तुरंत परिवर्तन होता है . ऐसे लगता मानो हमें सब हेय दृष्टि से देख रहे है ....
फिर सत्संग और प्रवचन प्रारंभ होता है , जिसे सुनने या सहने की ताकत ही नही बचती . हम अपने कमरे में जा कर तकीये से दोस्ती कर उसे ऑंसूओं से भिगो देते है .
अभी इस सवाल का , भोथरा ही सही , लेकीन हमले को कुछ देर तक रोकने की क्षमता वाला हथियार हमारे पास उपलब्ध है .... और वह है , जवाब में CGPA or percentile बताना !!!
करते रहो calculations ...... ( क्रमशः )
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
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