Sunday, August 7, 2022

यादें _ सवाल की ! भाग - ८

यादें _ सवाल की !
भाग - ८
Hindi language _ हिंदी भाषा

कुछ सवाल मानसिक और सामाजिक तौर पर विचलित करते है . क्रोध विनय को निगल लेता है और हम असहाय से दर्शक या भुक्तभोगी बन कर रह जाते है . 
ऐसे ही एक अनुचित सवाल से हर किसी का पाला पडता है , और वह सवाल है  _ ' दिखता नही क्या ?' 
एक ' T point ' से मै दाये मुडने लगा... इंडिकेटर जलाया.. लेकीन ट्रैफिक देख कर मै रुक गया ... दो कारें निकल गयी.. पीछे से स्कूटी आ रही थी.. मै रुका हुआ ही था... स्कूटी पर सवार लडकी मेरे कार के आगे से क्रॉस करने लगी.. पता नहीं क्या हुआ , वह स्कूटी ले कर कार के आगे गिर गयी.. मै अपनी जगह पर रुका हुआ.. वह स्कूटी को वैसी ही छोड कर मेरे पास आई . मैने कांच नीचे की . 
' दिखता नही क्या ? ' लडकी ने तमतमाते हुए कहा . 
' क्या देखना है मैम ? मै तो रुका हूं.. आप ही आए और कार के आगे गिर गए..' मैने कहा . 
' पहले नीचे उतर.. ' लडकी ने गुस्से से कहा . 
मुझ से ८ - १० साल छोटी उस लडकी की बात सुन कर मेरा माथा ठनका . चौक से दो - चार लडके दौड कर आए और स्कूटी को उठाया . उसकी बात सुन कर मै नही उतरा...लडकों ने स्कूटी हटाई और मै निकल गया . कानों से सांय सांय की आवाज आने लगी . दिमाग सुन्न हो गया . क्या बिना वजह अपरिचित से ऐसी बात करना उचित है ? दिन भर दिमाग मे वही सवाल गूॅंजता रहा , ' दिखता नही क्या ? ' 
सिग्नल लाल था . मुझे बाए जाना था . कार डिव्हाडर से दुसरी पंक्ति में थी . मेरे बाए टू व्हीलर्स खडी थी . एक बुजुर्ग व्यक्ति सायकल पर थे . पीछे से मस्ती करते हुए दो बाइक स्वार आए . उनकी सायकल वाले बुजुर्ग व्यक्ति से कुछ कहासुनी हुई . वे बाइक खडी कर उस बुजुर्ग से हाथापाई करने लगे . गालीगलौच के बीच केवल एक ही वाक्य समझ आ रहा था , ' दिखता नही क्या ?' 
सिग्नल हरा हुआ . वाहनों का रेला आगे बढ़ा . उस रेलें मे मै भी ! रुकने के लिए जगह कहा ! 
दिन भर उन लडकों की उदंडता और कुकृत्य के बारे में सोचता रहा . घर के बाहर की दुनिया इतनी शुष्क भावना और विचार से ! 
रात के ग्यारह बज रहे थे . बारिश का मौसम ! झमाझम बारिश हो रही थी .  सडक बहते नाले में तब्दील ! मेट्रो स्टेशन के नीचे तो तालाब.. आगे एक बाइक पर लडका और लडकी सवार . उनके आगे और एक कार . संभवतः जितनी कम गति से कार चल सकती है , उस गति से चल रहा था . बाइक को जैसे ही क्रॉस किया , लडकी के चिखने की आवाज आई . शायद उन पर कुछ ना कुछ पानी उडा होगा . आगे की कार के पीछे पीछे मै चल रहा था . अचानक कार के पीछे से कुछ टकराने की आवाज आई . मिरर में देखा तो वह बाइक कार और डिव्हाडर की बीच की संकरी जगह से आ रही थी .. वह बाइक सवार हाथ से कार को मार रहा था और वही सवाल उग्र रूप में पीछा कर रहा था , ' दिखता नही क्या ?' 
कुछ आगे जाने पर वही बाइक बाए बाजू से बराबर में आई . 
' xxxxx दिखता नही क्या... xxxxx दिखता नही क्या ?? ' गालियों की पूंछ बन कर वही सवाल बारिश की आधी रात में तांडव कर रहा था . कालोनी के लिए मुडने तक बाइक सवार और वह सवाल पीछा करता रहा...
_ यह तीन वाकये केवल प्रातिनिधिक तौर पर बताए.. इस सवाल की शृंखला अनंत है..... ( क्रमशः ) 

लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

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