निर्माण : भाग १२
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आज साइट पर रौनक थी . मै खदान के मुंहाने के पास कुर्सी लेकर बैठा . सब अपने अपने काम में जुटे थे . मै drawings देख कर इस समस्या का समाधान खोजने की कोशिश कर रहा था . लोहा ठेकेदार को कटिंग समझाई और कुछ हिदायतें दी . साइट इंजिनिअर से dumpy level मंगाया . ५ - ५ मीटर की मार्किंग करवा कर gradient के point दिए और ठेकेदार को उस हिसाब से dressing करने के लिए कहा . Safety manager आया .
' सर , आपके मजदूर के पास कोई भी safety का इंतजाम नही है . Helmet , gumboot भी नहीं . मै ऐसी हालत में इन्हें काम करने की इजाजत नही दे सकता . Mine's manager साहब आए तो , मुझे notice देंगे.. आप काम रोक दिजीए ..' safety manager ने कहा .
' सर आज शाम तक सभी सामान आ जाएगा.. बडी मुश्किल से आज काम शुरू किया है , उसे ना रोकिए.. manager साहब आए तो मै बात कर लूंगा ..' मैने उन्हें समझाते हुए कहा .
ड्रायव्हर को आवाज लगाई . उसे सामान की सूचि और पैसे दे कर रवाना किया . स्टोर से कुछ पुराने हेल्मेट और गमबूट मंगाए और dressing कर रहे मजदूर को देने के लिए कहा .
कुछ समय बाद department के इंजिनिअर आए .
' पडे पडे इस लोहे की सरियों में बहुत जंग लगा है.. इन का diameter और वजन भी कम हुआ होगा . आप ने इसकी कटिंग भी शुरू कर दी . ऐसे नही चलेगा . इसे वापस कर आप नया लोहा लाए.. ' इंजिनिअर ने आते ही अपना रौब झाडा .
' सर , एक महिना पहले मैने लोहा तो नया ही भिजवाया था . और हर lot का एक एक मीटर का सैम्पल भी टेस्ट होगा , जिस में strength , diameter , wt per metre भी आएगा . आप टेस्ट में आए weight के हिसाब से calculation किजीए.. क्या दिक्कत है.. काम रोकना बहुत आसान है , काम करना और करवाना मुश्किल है . आप सहयोग और मार्गदर्शन नही करेंगे तो काम कैसे चलेगा ? ' मैने कहा .
' बडे साहब ने बोला था , मैने केवल आप को बताया .' उन्होंने कहा .
' मै बात कर लूंगा साहब से.. आप निश्चिंत रहे..' मैने कहा .
तब तक चाय आई..
' कल PCC होगा . जरा जल्दी आइएगा .' मैने कहा .
' ठीक है..' उन्होंने चाय पीते हुए कहा .
शाम को ठेकेदार को बुलाया .
' आज आधा हिस्सा dressing हुआ है , कल उसकी PCC करनी है . लेकीन काम सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक करना है . दिन भर में ४ घंटे खदान की वजह से बरबाद होते है . उन्हें कव्हर करना जरूरी है . ' मैने कहा .
' ठीक है साहब .' ठेकेदार ने कहा .
दुसरे दिन आधे हिस्से का PCC ( प्लेन सिमेंट कंक्रिट ) हुआ . बाद में बचे हिस्से का dressing और PCC हुआ .
Gradient तो सही था , लेकीन size random था . Steel binders को accurate marking लगती है . अब इसकी सेंटर लाईन कैसे मार्क करे , यह समस्या थी . क्यो की बीच में trestle पर पटरी बिछी हुई थी . कल किसी भी तरह सेंटर लाईन मार्क करनी ही है , यह ठान लिया .
खदान से खडखड की आवाज आ रही थी.. ( क्रमशः )
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
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