गढकालिका माय की आरती
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
Bhoyar people _ भोयर लोग
जय जय जय , गढ कालिका माय
तोरऽ चरन म , महामाया उपाय । धृ.।
भैरो परबत , सती होठ ला धाऱ्यो
बाहाडे अधर्म , दानवना ला माऱ्यो
सत्जुग मूरती , गाऊ किरती माय
भगत उध्दार , करू आरती माय ।१।
आसन तुमारो , महाभारत काल
दुस्ट संगारिनि , माता जगत पाल
ग्यान कालजयी , पाऊ तुमारऽ पाय
हर इडा पिडा , टार अला बलाय ।२।
अंस देवी माय , नदी सिपरा काठ
तेज झलारस , जोत येकसो आठ
अवल आखर , नाम सुमरु माय
निसि दिन हर , जोत मु बारु माय ।३।
पावन मंगल , बुध्दी सिध्दी की दाता
टारै अमंगल , गढ कालिका माता
किरपा करजे , मुसिबत लिजाय
भजू नित दिन , तोला च आदिमाय ।४।
तेज मुंडा पर , रूप तोरो उजरो
नाक म नथनी , जुडा पर गजरो
माथा प मुकुट , सोना चांदी को माय
डोरा क जोत ला , उपमा च नहाय ।५।
चोबीस मातृका , येक ठानो तुमारो
भोयरी बोली म , गाऊ गानो तुमारो
कुर देसमुख , सुरेस लिख्ये माय
दे आसिरवाद , किरपा कर माय ।६।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
भोयर पवार समाज की कुलदेवी गढकालिका माता की खूब साजरी आरती.
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteजय गढकालिका माता ।।। सुंदर प्रस्तुती 👌👌
ReplyDeleteधन्यवाद नागेश सर
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