ताप्ती माय की आरती
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
जय देवी जय देवी , जय ताप्ती जया ।
करूस आरती , पडू तोरा पाया ।धृ।
आस्याढ मह्यनो , सप्तमी उजरी
भयी परगट , मुलताई नगरी
पिता सूर्व्यदेव , देवी माय छाया
जय ताप्ती देवी , मोठी तोरी माया ।१।
लेयो अवतार , भर दोयपर
बाबा सतपुडा , मुलतापी घर
भाई सनिदेव , यमदेव पाया
बाई कालिन्दनी , बहिन की माया ।२।
कुर सूर्व्यवंसी , लाडो चंद्रवंसी
कसी बाजी माय , कान्हा की बंसी
लाडी ताप्ती को , सवरन राया
मन चंदन को , तेज जोत काया ।३।
धाम मुलतापी , कुंड अमरीत
घाट बारालिंग , मोक्ष तीरथ
नारद मुनी न , गुनगान गाया
आदि गंगा माय , स्यरन म आया ।४।
पुन्य सिमरन , सपे पाप ताप
संत रिसी मुनी , करे जप तप
सिध्दी बुध्दी दाता , किरपा की माया
करूस आरती , सुरेस नत भया ।५।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
👌👍💐 जय ताप्ती माय , खुब साजरी रचना
ReplyDelete👌👍💐 जय ताप्ती माय , खुब साजरी रचना
ReplyDeleteतापी नदी की महिमा को साजरो वर्णन.
ReplyDeleteअप्रतिम कल्पकता 👍👍
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