सिपरा माय की आरती
Bhoyar people _ भोयर लोग
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
जय देवी जय देवी , लोक सरिता सिपरा
मानी अमरीत पानी , बिसनु देव की धारा ।धृ।
रिसी अतरी को तप , दुय निकरीस जोती
महाकाल अभिसेक , बाची किस्नदेव पोथी
राज बिकरमादित्य , महाराज कुर तारा
साल संवत् चलाये , भया दुनिया म न्यारा ।१।
सिध्दी भरतुहरि , गोरखनाथ न पायी
रिसी मुनी साधू संत , जोगी न धूनी रमायी
राम घाट पर मुक्ति , मोकस्यदायी सिपरा
सपे जलम मरन , सुटे बंधन का फेरा ।२।
कल कल निरमल , तेज बहाव सरिता
अमरीत झलकेस , धन्य सिपरा माता
कुंभमेला को सुयोग , आये बरस म बारा
महा नहान धरम , पाप ताप निपटारा ।३।
महासिवरातरी ला , डम् डम् बाजे डमरू
महाकाल की किरपा , माय सिपरा सिमरु
गाये आरती सुरेस , माय भगतना सारा
दीपदान करकन् , निभाऊस परंपरा ।४।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
👌👍💐 जय सिपरा माय , खुब साजरी रचना
ReplyDeleteशिपरा नदी की आरती,मस्त रचना.
ReplyDeleteसिपरा माय की आरती ।।।लोक सरिता सिपरा ।। सुन्दर आरती 👍👍
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