भोयर अन् नदी माय - १ : माय ताप्ती
Bhoyar people _ भोयर लोग
गंगा स्नाने , नर्मदा दर्शनेश्चव , तापी स्मरणे पाप नाश्यति ।
Language of the article : bhoyari dialect _ भोयरी बोली
भोयरी संस्कृति मऽ ताप्ती माय की मोठी महिमा स. नदी आन् मानुस को गह्यरो नातो स . नदी क पानी कन् फसलच नही होत त् नदी संस्कृति आन् सभ्यता ला बी जलम देस ; वूनला पोसस ! तेकनच भोयरी संस्कृति मऽ नदी ला माय , देवी क रूप म च देखस... पूंजस . भोयरी संस्कृति ला ताप्ती माय पालस... पोसस .
* भारत म पश्चिम वाहिनी नदी म नरमदा , चंदर की पोटी माही आन् सूर्व्यदेव की पोटी ताप्ती या तीनच नदीना स .
* थायल्यांड क तापी नदी को नाव बी इ. स. १९१५ म आपली ताप्ती माय क नाव परीन च धरेस .
* ताप्ती माय असी येकली नदी स जेकऽ नाव कन् " तापी पुरान " लिखेस .
ताप्ती माय को उद्गम ठिकान मुलताई स , जेला मूलतापी बी कोवस .
१. इतिहास आन् मान्यता : * बिस्नुपुरान म ताप्ती माय को असो उल्लेख स , " तापी पयोष्णीनिर्विध्या प्रमुखा ऋक्षसंभवा : "
* सिरीमद् भागवत म ताप्ती माय को उल्लेख स , " कृष्णा वेण्या भीमरथी गोदावरी निर्विध्या पयोष्णी तापी रेवा ."
* रामायन क अनुसार भगवान सिरीराम जी न सीता माय आन् लक्षुमन संग सूर्व्यदेव की पोटी आदिगंगा ताप्ती माय क काठा पर बारालिंग यहान पितर न् राजा दसरथ की तरपन पूंजा करीती .
* मान्यता सऽ कऽ ताप्ती नदी म फुलना सिराया पर मयत क आतमा ला मुक्ति भेटस .
* पुरान कऽ अनुसार भागीरथ न घोर जपतप करकन् गंगा माय ला भूलोक पर ल्यावन साठी प्रयास करे . पर वोन बेरा पुरी दुनिया म आदिगंगा ताप्तीमाय की मोठी महिमा होती , तेकन गंगा माय आवन ला तयार नहीती . तब नारदमुनी नऽ ताप्ती महिमा की सारी पोथी गायब करी , तबच गंगा माय हिमालय म परगट भयी .
* भविस्य पुरान कऽ अनुसार सूर्व्यदेव को ब्याह बिस्वकरमा जी की पोटी संजना सीन भयो . संजना की पोटी कालिन्दनी आन् पोरग्यो यमदेव जी . सूर्व्यदेव की गरमी कन् परेस्यान संजना तप करन ला गयी न् आपली बहिन छाया ला धाडे . छाया न संजना को रूप धरकन् सूर्व्यदेव की सेवा करी . छाया को पोरग्यो सनिदेव आन् पोटी ताप्ती माय .
* वायुपुरान क अनुसार कृत जुग म राजकुमार सवरन ( चंद्रवंसी राज्यो ऋष्य को पोरग्यो ) न् ताप्ती माय संग ब्याह करे .
२. ताप्ती जयंती उत्सव आन् मेलो : * मुलताई म गायतरी परिवार किथिन तरपन पूंजा बिना पयसाकन् करकन् देस .
* मुलताई म आस्याड मह्यना क चांदनी ( उजरी ) सपतमी ला ताप्ती माय को जलम दिन ( जयंती ) मोठऽ धारमिक उत्सव क रूप म मनावस .
* ताप्ती माय को जयंती उत्सव बुरहानपुर ( ब्रघ्नपुर ) म बी मोठऽ धारमिक पूंजा पाठ कन् मनावस .
* अगरितोडा गाव जवर ताप्ती माय सूर्व्यामुखी स . यहान क तीरथ पर हरसाल मकर संगरात् ला मोठो मेलो लागस .
३. ताप्ती माय आन् भोयर समाज : ताप्ती माय न भोयर संस्कृति ला पाले - पोसे आन् बाहाडाये . आदिगंगा ताप्तीमाय की आपलऽ पोटुबाटूना पर किरपा स . वोको उपकार कब बी नही फिटेन . संजय पठाडे ' शेष ' आन् कयी लोगना न सूर्व्यदेव की पोटी ताप्ती माय पर लिख्यास . ताप्ती माय की जयंती आपलो समाज आन् इतर समाज बी मोठऽ भक्तिभाव आन् धुमधाम कन् मनावस .
....... जय ताप्ती माय...
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
बहुत अच्छी जानकारी
ReplyDeleteधन्यवाद सर
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