Bhoyar people _ भोयर लोग
खुस रवन को,
खुस रवन को,
खुद समजन को,
तब कवन को,
मोठा आपला स,
ग्यानी चऽ खरा,
नानाऽ ला कम,
नी समजन को।।
पयले को जमानो,
नी रयो तऽ रयो,
मन कऽ सरको,
नी भयो तऽभयो,
रिकामा कोनी नऽ,
आब कयो तऽ कयो,
पन आपली बोली
ला बचावन को।।
बोलता नी आयो,
तऽ लिखन को,
लिखता नी आयो,
तऽ वाचन को,
जेला आवस तेला,
विचार पुसन को,
आपलं भोयरी को,
मान बढ़ावन को।।
रामेश्वर गोरे , इंदौर
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