Thursday, September 24, 2020

ताप्ती माय की आरती. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

ताप्ती माय की आरती
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

जय देवी जय देवी , जय ताप्ती जया ।
करूस आरती , पडू तोरा पाया ।धृ।

आस्याढ मह्यनो , सप्तमी उजरी
भयी परगट , मुलताई नगरी
पिता सूर्व्यदेव , देवी माय छाया
जय ताप्ती देवी , मोठी तोरी माया ।१।

लेयो अवतार , भर दोयपर
बाबा सतपुडा , मुलतापी घर
भाई सनिदेव , यमदेव पाया
बाई कालिन्दनी , बहिन की माया ।२।

कुर सूर्व्यवंसी , लाडो चंद्रवंसी 
कसी बाजी माय , कान्हा की बंसी
लाडी ताप्ती को , सवरन राया
मन चंदन को , तेज जोत काया ।३।

धाम मुलतापी , कुंड अमरीत
घाट बारालिंग , मोक्ष तीरथ
नारद मुनी न , गुनगान गाया
आदि गंगा माय , स्यरन म आया ।४।

पुन्य सिमरन , सपे पाप ताप
संत रिसी मुनी , करे जप तप
सिध्दी बुध्दी दाता , किरपा की माया
करूस आरती , सुरेस नत भया ।५।

रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

4 comments:

  1. 👌👍💐 जय ताप्ती माय , खुब साजरी रचना

    ReplyDelete
  2. 👌👍💐 जय ताप्ती माय , खुब साजरी रचना

    ReplyDelete
  3. तापी नदी की महिमा को साजरो वर्णन.

    ReplyDelete
  4. अप्रतिम कल्पकता 👍👍

    ReplyDelete