वर्धा माय की आरती
Bhoyar people _ भोयर लोग
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
ॐ जय वर्धा माता , श्री वर्धा गंगा माता
जी बी आया स्यरन म , दुख वून का हरता ।धृ.।
गाव खैरवानी नाव , गढ वरधन माता
बिस्नु देव अवतार , पानी वराह भरता ।१।
तप कपिल मुनी को , भयेस सफल माता
रिसी वसिस्ठ भगत , होम कोटी न करता ।२।
सुभ पावन मंगल , टारै अमंगल माता
तोरऽ कोरा म आसरो , माय बुध्दी सिध्दी दाता ।३।
कुर भोयर संभाले , रिन नी फिटेय माता
आमी पोटुबाटूना की , तुमी च स माता पिता ।४।
देवी मायना निबजी , तोरऽ पानी कन् माता
करू तुमारी आरती , गावूस किरती माता ।५।
वरदा वरदायिनी , राम किस्न की वीरता
बोलु हर हर गंगे , वेद पुरान की गाथा ।६।
पानी तोरो अमरीत , नाद कलकल गीता
जोत चंदर तुमारी , मन भाये सितलता ।७।
गाये सुरेस नित् दिन , तुमारी किरपा कथा
पावू परमगती ला , पाय तुमारच माथा ।८।
रचनाकार : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
वर्धा माई की मस्त आरती.
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deletejay vardha maay
ReplyDeleteजय वर्धा माता
Deleteसुन्दर रचना ।।
ReplyDeleteलय साजरी
ReplyDelete