Bhoyar people _ भोयर लोग
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
म्हारी माय सरोसती
म्हारी माय सरोसती , धऱ्या रूप अवतार
दिनऽ बसंत पंचमी , कऱ्या माय उपकार ।धृ।
म्हारी माय सरोसती , माया स अपरंपार
बानी देईस मुकाला , करी वोकी नैय्या पार ।१।
म्हारी माय सरोसती , भाव भावना इचार
सांगन ला दिखाडीस , जबान ला रस्ता चार ।२।
म्हारी माय सरोसती , तोरी अमरीत बोली
देया जीव जंतू बोल , ग्यान भंडार ला खोली ।३।
म्हारी माय सरोसती , हर कला तोरऽ पायी
विना ला बजायकन् , सबुदना निपजाई ।४।
म्हारी माय सरोसती , राजा भोज संग बाता
ग्यान दियो सनातन , वेद पुरान की गाथा ।५।
म्हारी माय सरोसती , मोर हंस को वाहन
काल अकाल सिमरु , सुरेस ला तोरो ध्यान ।६।
रचनाकार : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
खूब साजरी कविता.
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteमाय सरोसती क बाराम् खूप साजरी माहीती दिस् 👌👌
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deletetyogendram31@gmail.com
ReplyDelete👍🙏
Thank you
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