भोयरी संस्कृति - २६ : महासिवरातरी , पाच पावली
Bhoyar people _ bhoyari culture
फाल्गुनकृष्णचतुर्दश्यामादिदेवो महानिशि ।
शिवलिंगतयोद्भूत: कोटिसूर्यसमप्रभ: ।।
योग योग योगेश्वराय। भूत भूत भूतेश्वराय ।
काल काल कालेश्वराय । शिवा शिवा सर्वेश्वराय ।
शम्भो शम्भो महादेवाय ।
Language of the article : bhoyari dialect
भोयरी संस्कृति मऽ फाग मह्यना क अंधारी चवदस ला महासिवरातरी को तिवार आवस आन् दुसरऽ दिन पाच पावली पुंजस .
* महासिवरातरी को तिवार भारत , नेपाल , बंगला देस अऊर कयी देस म मनावस .
* महासिवरातरी ला सिवरातरी , सिव चवदस , सिव चतुरदसी , हेरथ बी कोस .
१. मान्यता : * पुरान कऽ अनुसार महासिवरातरी क दिन पुरी दुनिया को जलम भये .
* येनऽ दिनच भगवान महादेव न् पाराबती माय को ब्याह भयो .
* महासिवरातरी ला आदिदेव भगवान सिव अगनी लिंग रूप मऽ परगट भया .
* समुंदर मंथन क बेरा निकऱ्यो हलाहल ला भोल्यानाथ न गरा म धरे न् दुनिया बाचाडी . वोनऽ
जह्यर कन् वून को गरो निरो भयो , तेकन नाव पडे ' निलकंठ '! जह्यर क इलाज को उपाव मून सिवजी ला रातभर चेतो राखनो जरुरी होतो . देवताना न रातभर भजन - किरतन करे . सकारी भगवान न सबन ला आसिरवाद देयो . तेकन महासिवरातरी ला उपास धरकन् पूंजापाठ करस.
२. यातरा : * भोयर म पचमढी की यातरा को धारमिक महत्त्व स . गाडी - घोडा को साधन नही होतो तब या यातरा खूब कठिन होती . यातरा ला गया ती वापिस आयेन क नही , येकी खातरी नयीती . तब भगत लोगना १५ दिन पह्यलऽ पासिन पयदल पचमढी ला जान साठी निकरत होता . आब साधनना स तेकन येक दिन म पचमढी ला जाता आवस . पह्यलऽ क कठिन यातरा की झलक महादेव क गाना म दिसस ...
महादेवी जाऊस गाऽ , हे भोल्या गा सम्भा ऽ
चवऱ्यागड दिसस बिल्लम
चवऱ्या पर येंगता येंगता
म्हरो भये गा दुसरो जलम ऽ
* यातरा क बेरा भूराभगत , जटासंकर , महादेव गुफा , नानो महादेव , चवऱ्यागड पर भगत लोगना की खूब भीड रव्हस . महादेव का गाना कवत कवत भगत लोगना पयदल पयदल पुरऽ भुवान म घुमकन् पूंजा करस . कोनी कोनी हरसाल जास . कोनी को नवस रव्हस . कयी लोगना लोहा को तिरसूल चवऱ्यागड पर चढावस . चवऱ्यागड क महादेव ला मोठो ( बडो ) महादेव कोस . येनऽ यातरा म खानपेन की सुबिधा कयी मंडल का लोगना मोठऽ भक्तिभाव कन् करस .
* उसी त् महासिवरातरी ला हर गाव क जवरपास यातरा भरस . जास्त करकन् यातरा गड पर भरस . यातरा म मेलो बी रव्हस .
* पूंजा साठी बेल, फुल , अकसिद , नारेल , खारिक , उदबत्ती , कपूर , धोतरा को फर लेस .
३ . पाच पावली : महासिवरातरी क दुसरऽ दिन दुपारकन् आंगना म खाट को मांडो बनावस . वोपरीन चादर डावस . आन् वोकऽ सावली म सेंदऱ्या देवना न् मानिनी की पूंजा करस , वोला पाच पावली पूंजनो कोस . जी लोगना महादेव क यातरा ला जास वूई १५ दिन पह्यलेच पाच पावली पुंजस . पाच पावली पूंज्या पर उपास सोडस .
* साल भर कोनतऽ न कोनतऽ तिवार म महादेव पाराबती की पूंजा होसच . पन् महासिवरातरी क महादेव भोल्यानाथ की पूंजा को महत्त्व बेगरोच स .
बाईलोगना खेत मऽ काम करन क वक्ती बी महादेव का गाना गास ...
खांदा पर खारवी , खारवी भयी जड
मला आवस लड , कसो चेंगू चवऱ्यागड ...
महादेवी जाऊस , रोवस बहिन
वापिस आऊन , तब लुगडो लेऊन .....
पानी पाऊस पडस , वरनी गरस
पाठ की बहिनाई , मोठ्यानऽ रोवस .....
देऊर म बी महादेव क गाना को भजन चालू रव्हस . देव को देव महादेव को इ पर्व भोयर समाज महादेव पाराबती आन् कुर क देवपूंजा संगऽ मोठऽ भावभक्तिकन् मनावस .
* सेंदऱ्या देव आन् मानिनी ( पितर ) की पूंजा चवरी जवर होस . पर महासिवरातरी क दुसरऽ दिन या पूंजा आंगना म मांडस ; आन् वोलाच पाच पावली पूंजनो कोस .
हर हर महादेव....
( सहयोग : सौ पार्वतीबाई महादेवराव देशमुख )
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर .
Good information about Cultural Festival "Mahashivratri" in Bhoyari Language..........
ReplyDeleteThank you Nilesh da
Deleteमहाशिवरात्री कशी मनाव स, खूब साजरी माहिती.
ReplyDeleteधन्यवाद ढोले सर
Deleteखुप साजरी माहीती दिस् महासिवराञी क बाराम्...भोयरी सण..एक अलग परंपरा 👌👌
ReplyDeleteधन्यवाद सर
DeleteNice information about mahashivratri
ReplyDeleteThank you sir
Deleteॐ नमः शिवाय 🔱🔔🚩
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