गलती
Hindi Language _ हिंदी भाषा
सभी चाहते थे हमें बदलना
अपने मनमुताबिक.....
हम गढ़ते , ढ़लते गये उनकी चाहत अनुरूप
नखशिखान्त बदल गयी हस्ती !
अंत में झेलते है उलाहना --
आप काफी बदल गये , पहले तो ऐसे न थे...
अब हम सदमे मे , गलती किसकी ????
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
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