Thursday, June 11, 2020

जीव चैतन को बीज

# जीव चैतन को बीज #

जीव चैतन को बीज
असा भूई पर बह्या
कसो तंतर मंतर
रची भगवान माया.।। धृ ।।

माय धरतिरी तिसी
ठेंब मिरुगनं डाया
कारऽ आभारला देख
वोकी हरखीस काया ।।१।।


खेत सिवार खुसी मऽ
झाड पेड भरमाया
लालबाऊ लालभर्र
वोकी मखमली काया ।।२।।

करी बोवनी रोवनी
खत सलफेट डाया
माती कुस गरभार
दान हिवरा ला पाया ।।३।।

कोंब दुय हात जोडे
वोनऽ राम राम कह्या
नानो येतरो सो जीव
नाव केतरा कमाया ।।४।।

ज्यान चुका ना पडस
वान टोपन ला धाया
बेरा बखतच पर
काम सारा निपटाया ।।५।।

-- सुरेश महादेवराव देशमुख, नागपूर

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