Thursday, December 1, 2022

भाव पस्तुरी ला आयो. Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

भाव पस्तुरी ला आयो
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

माल मोंडा को निलाम
वाया दलाली म गयो
जुगाड क तंतर न
भाव पस्तुरी ला आयो ।

सारो उरफाटो न्याव
साव कयीद म गयो
चोट्टाना ला हार तुरा
भाव पस्तुरी ला आयो ।

सीधा सरखा ला भेव
जीव टांगनी लगायो
उखलेस भरवसो
भाव पस्तुरी ला आयो ।

सेक चुल्हा क भोग ला
डल्लो वूला न दबायो
कल्लो गली येटार म
भाव पस्तुरी ला आयो ।

कापूर क बट्टी वानी
जीव खप कन् गयो
अधरयेल माया न
भाव पस्तुरी ला आयो ।

रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

No comments:

Post a Comment