भाव पस्तुरी ला आयो
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
माल मोंडा को निलाम
वाया दलाली म गयो
जुगाड क तंतर न
भाव पस्तुरी ला आयो ।
सारो उरफाटो न्याव
साव कयीद म गयो
चोट्टाना ला हार तुरा
भाव पस्तुरी ला आयो ।
सीधा सरखा ला भेव
जीव टांगनी लगायो
उखलेस भरवसो
भाव पस्तुरी ला आयो ।
सेक चुल्हा क भोग ला
डल्लो वूला न दबायो
कल्लो गली येटार म
भाव पस्तुरी ला आयो ।
कापूर क बट्टी वानी
जीव खप कन् गयो
अधरयेल माया न
भाव पस्तुरी ला आयो ।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
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