Sunday, November 1, 2020

भुलाबाई को गानो ( भोयरी )

भुलाबाई को गानो

येक लिंबू झेलू बाई , दुय लिंबू झेलू
दुय लिंबू झेलू बाई , तीन लिंबू झेलू
तीन लिंबू झेलू बाई , चार लिंबू झेलू
चार लिंबू झेलू बाई , पाच लिंबू झेलू...
पाच लिंबू को पानोठो
हनुमंत को हार मोठो
हनुमंत की निरी घोडी
आवता जावता कमल तोडी
कमल क पासऽ लुकी रानी
अवो अवो रानी , यान कहान पानी
पानी नी यमुना जमुना
यमुना जमुना की बारीक रेती
वहान खेलस नानो मारोती
मारोती ला भूक लागीस
मु त् जावूस सुनार बाडा
सुनार दादा सुनार दादा
गवरी का मोती भयास का
गवरी क घर तांबा की चुल
आवरा खलऽ जेवन की भुल
उस्टी पतराई चिच खलऽ

पान सुपारी सकारकन्...सकारकन्..

प्रस्तुती : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

2 comments: