Thursday, November 5, 2020

अजब गजब - २७ : दुरगा माता , गडियाघाट. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - २७ : दुरगा माता , गडियाघाट
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

मध्यप्रदेस मालवा क सुजालपूर जिला की नलखेडा तहसील म , नलखेडा पासिन १५ कि.मी. दूर गडियाघाट गाव स. गडियाघाट गाव म कालीसिंध नदी क काठ प दुरगा माय को देऊर स . यहान की दुरगा माय को चमत्कार , सत अचंबा वालो च स . दुनिया म दिवा तेल / तूप कन् जरस पन् गडियाघाट क दुरगा माय की महिमा अजब गजब स ! यहान दुरगा माय को दिवो जरस पानी कन् ! स न अचंबा वाली बात ?....
गडियाघाट क दुरगा माय देऊर की कालीसिंध नदी क पानी कन् अखंड जोत जर रहीस . 

१ . इतिहास आन् मान्यता : * दुरगा माय का पुजारी ' सिध्दूसिंग सोंधिया ' नानपन पासिन च माय क सेवा म स . कयी दिन पह्यले दुरगा माय वून क सपना म आयी . आन कह्ये क् , आज पासिन पानी कन् दिवा बारो . पुजारी जी ला नवल वाटे . वून न माय क दिवा म कालीसिंध नदी को पानी डाये . अचंबा वाली बात भयी... दिवो पह्यल ऽ सरखो च जरन ला लागे . गाव वाला को येनऽ चमत्कार पर भरोसो नी बसे . वून न खुद पानी डायकन् देखे त नवल च भयो जी..!! दिवो रोज क सरखो च जरन ला लागे . 
* रोज बरसाद पावतर माय क दिवा म कालीसिंध नदी को पानी डावस . बरसाद पावतर च काहे ?? येको बी कारन अचंबा वालो च स ! बरसाद म दुरगा माय को इ चमत्कारी देऊर पानी म डुब जास !!! 
स न दुरगा माय क चमत्कार की अजब गजब गोस्ट !!!
जय दुरगा माय की ऽ ऽ ऽ......

लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर 

7 comments: