अजब गजब - २६ : माय हरसिध्दि मंदिर
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
मध्यप्रदेस म पग पग प कयी धारमिक मान्यता आन् चमत्कार वाला मंदिर स . मध्यप्रदेस म आगर मालवा जिला क बीजानगरी म असोच माय हरसिध्दि को चमत्कारी देऊर स . यहान दुय हजार बरस पासिन अखंड जोत जर रहीस . येनऽ देऊर ला उज्जयनी समराट विक्रमादित्य को भासो विजय सिंग न बनायेस . आगर मालवा पासिन बीजा नगरी २० कि.मी. दूर स .
१. इतिहास आन् मान्यता : समराट विक्रमादित्य को भासो विजय सिंग माय हरसिध्दि को मोठो भगत होतो . जब विजय सिंग राजो होतो तब वूई रोज उज्जयनी ला माय हरसिध्दि क दरस्यन साठी जात होता . दरस्यन भया बास्तच वूई जेवत होता . वून की भक्ति देखकन् माय हरसिध्दि परसन्न भयी . माय हरसिध्दि न सपना म राजा ला दरस्यन देयकन् कह्ये क् , तुमी बीजा नगरी म म्हरो देऊर बनावो आन् वोकऽ दरुजा ला सूर्व्यमुखी धरो . राजा न वूसोच करे . बाद म माय हरसिध्दि राजा विजय सिंग क सपना म आयी आन् कह्ये क् , तुमारऽ बनायऽ देऊर म मु बिराजमान भयीस . तुमी न जी दरुजो सूर्व्यमुखी बनायतो वू पसचिम मुखी भयेस . राजो सकारीच उठकन् देऊर म गयो त का देखस ! देऊर को दरुजो खरच पसचिम म भयोतो .
* साल भर यहान भक्तलोग की भीड रव्हस . नवरातरी ला त लाखों लोगना दरस्यन साठी आवस . माय क दरबार म हर मन्नत पुरी होस . जी भक्त नवस बोलस , वूई देऊर प गोबरकन् उलटो सस्तिक काढस . आन् नवस ( मन्नत ) पुरो भया बास्त सीधो सस्तिक काढस .
* माय हरसिध्दि सकारी नानोपन , दुफारकन् जवानी आन् दिनबुड्या बुजरूक क रूप म नजर आवस .
* माय हरसिध्दि की दुय हजार बरस पासिन जर रहीस वा अखंड जोत हवा कन् नी बुझत .
* नवरातरी म घट स्थापना पासिन अस्टमी पावतर यहान नारेल नी फोडत .
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
माय हरसिद्धी ।।जय माता राणी ।।वाह वाह क्या खूब लिखा है आपने बहुत सुन्दर प्रस्तुति 👌👌
ReplyDeleteधन्यवाद सर
DeleteJay Maa Harsidhi🙏Aamhi 7 baras rahya Ujjain ma an hamesha Mahankal gya ki Harshidhi ka darsan kartach hota...wahan ki deep stambh bhi khub sajree sa..Jay Maa Harsidhi..🙏
ReplyDeleteजी आदरणीय.... जय माँ हरसिध्दी..
Deleteमां हरसिद्धि देवी की महिमा अपरम्पार है। जय मां भवानी
ReplyDeleteजय माँ हरसिध्दी
Deleteखूब साजरी माहिती.
ReplyDeleteधन्यवाद सर
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