अजब गजब - ३३ : गोबर गनेस
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
गोबर गनेस बाचकन् तुमाला वाटे होयेन क इ त विसेसन स . पर मुनऽ विसेसन नी लिखेस.. या बात स अजब गजब गोबर गनेस भगवान क देऊर की !!! मध्यप्रदेस क आगर मालवा जिला को नलखेडा गाव . राजा नल की नगरी नलखेडा म महाभारत काल को पीतांबरा सिध्दपीठ माय बगलामुखी क देऊर कन् नलखेडा देस भर म परसिध्द स . नलखेडा क बीच चवरस्ता प गनेस दरुजा जवर गनेस मंदिर म पुरानऽ जमाना की १० फिट उच्ची गोबर कन् बनी भगवान गनपति की मूरती स . स न अचंबा वाली बात ! दगुड की , संगमरमर की , धातू की , लकडी की मूरतीना त देखी होयेन पन् गोबर कन् बनी या गनेस जी की मूरती पुरी दुनिया म येकच स !
५०० बरस पुरानी येनऽ मूरती क संगच दुय आंगऽ रिध्दि सिध्दि आन् पाय जवर उंदरो स . भगवान गनेस जी कमल क फुल प बस्यास . गनेस जी क हर सिरी रूप सरखी च येनऽ मूरती क हात म लाडू स .
या गोबर कन् बनायी भगवान गनेस जी की मूरती कोनऽ बसाडीस , यकी जानकारी कोनी ला च ठाव नहाय .
गोबर कन् बन्या इ भगवान गनेस जी आपलऽ कोनतऽ बी भक्त ला निरास नी करत , असी मान्यता स .
गनेस जी की पुरानी आन् परसिध्द मूरती क कारन राज्य सरकार न येनऽ देऊर ला धारमिक स्थान सामिल करेस .
साल भर भक्त लोगना दरस्यन साठी यहान आवस . पर गनेस चतुरथी पासिन धा दिन त भक्त लोगना की दरस्यन साठी खूब च भीड रव्हस . येन दिन भगवान गनेस जी को अलग तरीका कन् सिंगार करस , जेला देख कन् मन परसन्न होय जास .
गोबर आन् माती म पंचतत्व आन् लक्षुमी को वास रव्हस , असी मान्यता स .
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
जय गणेश देवा 🙏🙏🙏
ReplyDeleteगणपती बाप्पा मोरया
Deleteखूब साजरी माहिती.
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteजय गणेश जी ।।वाह वाह क्या खूब वर्णन ।।
ReplyDeleteधन्यवाद सर
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