अजब गजब - २५ : टेकरी धाम , देवास
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
मध्यप्रदेस क देवास को माता कि ५२ स्यक्तिपीठ म को येक स्यक्तिपीठ ' टेकरी धाम ' परसिध्द स . इंदौर पासिन ३४ कि.मी. प देवास म इ स्यक्तिपीठ स . उच्ची पहाडी पर को माता को इ भवन देसभर म परसिध्द स . अजब गजब बात असी क यहान दुय देवीमाता को दरबार स . यहान क अनोखऽ दरबार म माय तुरजा भवानी आन् माय चामुंडा देवी बिराजमान स . येनऽ धाम ला ' टेकरी ' क नाव कन् वरखस . माता तुरजा भवानी ला मोठी माय आन् चामुंडा देवी ला नानी माय कोस . माय क देऊर म जान साठी ४१० पायरीना चेंगनो पडस . देऊर म जान साठी पक्की सडक आन् रोप - वे को झुलो बी स .
१. इतिहास आन् मान्यता : * माय तुरजा भवानी आन् चंडिका माय म बहिन को नातो होतो . दुयी झनी संगमंग च रव्हत होती . येक डाव वून म झगडो भयो . झगडो येतरो बाहाडे क दुयी मायना आपापरो स्थान सोडकन् जान ला लागी . मोठी माय पाताल म आन् नानी माय टेकरी सिन जान ला लागी . वून को रागतम देखकन् वून का संगी हनुमान जी आन् भैरोबाबा न घुस्सो सोडकन् यहान च थांबन ला बिनती करी . दुयी मायना थांबी , पर मोठी माय अरधी पाताल म गयीती आन् नानी माय टेकरी सिन उतर रयीती . दुय मायना वोनच रूप म बिराजमान भयी .
* पुरान कऽ अनुसार यहान सतिमाता को रगत सांडेतो , तेकन यहान चामुंडा माय परगट भयी . तुरजा भवानी की थापना मराठी राजपरिवार होलकर न करीस .
* इतिहास क जानकारी क अनुसार चामुंडा माय की मूरती चट्टान ला सिलकन् घडायीस . या मूरती परमार काल की स .
* टेकरी प येक गुफा बी स . या गुफा देवास पासिन उज्जैन क भरतुहरी गुफा पावतर जास , असी मान्यता स . येनऽ गुफा मिनच भरतुहरी चामुंडा माय क पूंजा साठी आवत होता , असी मान्यता स .
* यहान दुय माय क दरस्यन क बाद च मन्नत पुरी होस , असी मान्यता स .
* दुय मायना स्वयंभू आन् जागरुत स , असी मान्यता स .
* दुय माय क दरस्यन संगच भैरोबाबा को दरस्यन बी जरुरी स , वोकऽ बिगर पूंजा पुरी नी होत , असी मान्यता स .
* देवास असो पह्यलो ठिकान होतो ज्यान दुय राजपाट होता . येक होलकर आन् दुसरो पंवार राजवंस . तुरजा भवानी होलकर राजघराना की आन् चामुंडा माय पंवार राजघराना की कुलदेवी होती .
२. उत्सव : * टेकरी धाम ला साल भरच भक्त लोगना की भीड रव्हस . पर नवरातरी म यहान पाय धरन ला जागा नी रवत .
* नवरातरी म यहान विसेस पूंजा रव्हस .
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
जय माता दी
ReplyDeleteजय माता दी
Deleteटेकडी धाम क बाराम् अप्रतिम माहीती दिस धन्यवाद!!
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteजय माय तुलजा,आन् चंडिका "१३" बरस डां.सहाब की पोस्टीग वहान होती हमन लई डाव माय का दर्सन करयास🙏🙏अन अब भी एक डाव दिवारी म गया था।😊😊
ReplyDeleteजी... चारी कितऽ आपला धाम स....जय माय चंडिका
Deleteखूब साजरी माहिती.
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteजय माता दी
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