लगनसराई
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
भयी गो उलंगवाडी
आब स निचनताई
निपट्यो साखरपुडो
आब बिह्या की जी घाई ।१।
मोह्यतूर क ठोक ला
हाल वाला की कमाई
सोनो - नानो , अहिर ला
खरचीस पाई - पाई ।२।
उधारी पर किरानो
सहारो बहिन भाई
हात उसनी रकम
सूट , दायजा म गयी ।३।
घरदार म धांधल
हरद न् देवादेवी
घराती बराती कन्
घाडी रवनक आई ।४।
हर रोज की खरिदी
बाटी पतरिका भायी
दाहा डेरी क मांडो ला
सूते बहिन - जवाई ।५।
बिह्या वरी हासी खूसी
होस आसू न बिदाई
दुय कुटुम्ब को मेर
करस लगनसराई ।६।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
खूब साजरी रचना जी
ReplyDeleteधन्यवाद जी 🙏🙏
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