सी को कह्यर
( भोयरी कविता )
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
हात पाय ठाठऱ्या गो
सेकूस आगटी क जवर
बरफवानी ठंडी सातरी
चेता चेता च राम पह्यर ।१।
बांध्या कानपट कस कन्
दुय दुय घाल्यास सूटर
रात कन् आवस लयीन
चालू करन की स मोटर ।२।
पह्यलच करोना को भेव
वोमअ सी को बाहाडे कह्यर
आंग पाय भया पुरा ठंडा
सरदी खोखला की लह्यर ।३।
कफ त बाहाडे च बाहाडे
सुई गोली देस डाकटर
आसुक न बी माऱ्योच हात
बाची - खुची निकारी कसर ।४।
फुट्या हात पाय उल्यो मुंडो
सी न करीस असी खातर
पुस्या इतवार येता पूंज्या
देनअ बापा सी की मातर ।५।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
खूब साजरी रचना
ReplyDeleteधन्यवाद जी 🙏🙏
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