Saturday, January 30, 2021

अजब गजब - ४७ : इटौंजा. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - ४७ : इटौंजा
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

उत्तर प्रदेस म लखनवू पासिन ४० कि.मी. प इटौंजा स . इटौंजा क जवर का ५८ गाव को ' इटौंजा स्टेट ' होतो . इ इटौंजा परमार राज आन् सिरी रत्नेस्वर महादेव महासिवालय साठी परसिध्द स . 

१. इतिहास : * इटौंजा स्टेट को जोतो बनाये राव देवरिध राय न . राव देवरिध राय इ देवगढ / धारानगर ( ग्वाल्हेर ) क राजा रूद्र स्याह को आठवो पोरग्यो ! १३ वी सदी म वू वासिन इटौंजा ला आयो . वहान क कुरमी राजा ला हारायकन राव देवरिध राय न परमार राज की सुरवात करी . वोनऽ बेरा वको भाई राम सिंह बी संग च होतो . 
* राव देवरिध राय ला डींगर देव , सहलन देव , करन देव असा तीन पोटूना होता . डींगर देव ला राजो , सहलन देव ला राय आन् करन देव ला चवधरी उपाधी भेटीती . 
* डींगर देव ला चंदर सेन अन् नन्दसेन असा दुय पोटूना होता . नन्दसेन को नाती असोकमाल .
* येन च राजवंस राजा निधय सिंग ( निरी सिंग ) अन् बहादुर सिंग असा दुय भाईना भया . अवरंगजेब क सेनापती दिलेर खान संगऽ वून की लढाई भयी . वोमऽ दुय भाईना ला वीरमरन आये . वून क बाद राजा निरी को पोरग्यो मदारी सिंग  राजगादी पर बस्यो . 
* १८५७ म अंगरेज राज संग इटौंजा क परमार की लढाई भयी . वोमऽ २०० पकस्या जास्ती वीर परमार स्यहीद भया .
* लढाई क बेरा इटौंजा का लोगना गाव खाली करकन् जवर क निगोडेनाथ मंदिर म आसरो  लेत होता . 
* इटौंजा को रानी को महाल ( जेला भुलभूलैय्या कोस ) अन् दिल्ली की चवखट बी परसिध्द स .

२ . सिरी रत्नेस्वर महादेव महासिवालय : * इटौंजा म परमार राज को १२८ बरस पुरानो सिरी रत्नेस्वर महादेव मंदिर स . फुल क पंखुडी क आकार को इ देऊर अनोखो स . येनऽ मोठ्ठ देऊर क बांधकाम म को मसालो चुनो , उडिद की दार , रु , डिक ( गोंद ) कन बनायतो . गुम्बद क छत म चितरंगना काहाड्यास . येनऽ चितरंग साठी झाडपत्ती , फुल , फल को रंग बापरेस . आज बी वू रंग वूसोच स . 
* महादेव पाराबती , राधा किस्न का चितरंग जास्त स . 

_ आपलऽ पुरखाना की असी अनमोल धरोहर भारतीय महाद्विप म जागा जागा पर स . जेतरो होय सकेन वोतरो वून को जतन आन् दरस्यन आपन न कऱ्या पायजेन . 

लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

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