सागरगोटा
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
टुटी बिल्लोर बंगडी
डाव केता खरा खोटा
भोयी कसी पाचखडी
खेल म सागरगोटा ।१।
झेले खडा बराबर
आये मुंडा पर झोटा
सरकाया सरसर
खलऽ का सागरगोटा ।२।
बिन पयसा को खेल
भरे सुख कन वटा
डोरा हात को जी मेल
मुठ म सागरगोटा ।३।
घाडो खडा को हरिक
सले नसीब म काटा
असो बाहाडे कुरुप
उबज्या सागरगोटा ।४।
पाटी लेखन पकडी
कऱ्या सीधा उरफाटा
सुटी बाट आडीमोडी
हवा म सागरगोटा ।५।
बाजे टिक टिक घडी
भागे संग नाना मोठा
आब तरसस धडी
उप्या जी सागरगोटा ।६।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
खुब साजरी रचना
ReplyDeleteधन्यवाद मनोज जी
Deleteखूब साजरी कविता
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteबचपन को बेटियों को खेल
ReplyDeleteअद्भुत
धन्यवाद नन्दलाल जी
Deleteसागरगोटा...खुप सुंदर रचना
ReplyDeleteधन्यवाद सर
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