Thursday, August 6, 2020

भोयरी संस्कृति - १७,भाग - ७ : दिवारी : भाऊबीज/भाईदूज

भोयरी संस्कृति - १७ , भाग - ७ : दिवारी 
भाऊबीज / भाईदूज

ॐ चंदनस्य महत्पुण्यं , पवित्रं पापनाशनम् ।
आपदां हरते नित्यम् , लक्ष्मीस्तिष्ठति सर्वदा ।।

भोयरी संस्कृति मऽ गायगोंधन क दुसरऽ दिन भाईदूज रव्हस . बहिन भाई क नाता ला मजबूती देन वालो इ तिवार .भाईदूज क दिन यमदेव गोलोक म आपली बहिन जमुना क घर गयतो . बहिन न वोला वोवारकन् पाहुनचार करे . तेकन भाईदूज ला ' यम द्वितीया ' कव्हस . भाईदूज ला च ' भ्रातृ द्वितीया ' बी कव्हस . 

१ . मान्यता :  जमुना ( यमराज की बहिन ) न यमराज ( भाई ) ला कह्ये क हर साल आज कऽ दिन तुमी म्हरऽ घर आवत जावो . आन् आज क दिन ज्या बी बहिन आपलऽ भाई ला वोवारेन वोला तुमारो भेव नही रहेन . यमराज जी न या बात मान ली आन् बचन मऽ बंध गया .
२ . रिवाज :  भाऊबीज ला रात मऽ चंदर की कोर दिस्या पर बहिन भाई ला वोवारस . चऊक पुर कन् वोपर पिढो मांडस . पिढा पर कपडो डावस . बहिन भाई ला पिढा पर बसाड कन् वोका पायना धोस . पायना पुस कन् भाई ला अकसिद लगावस . आरती न् वोवार कन् भाई का पाय लागस . भाई ला मिठाई चारस . भाई आपलऽ आयपत नुसार बहिन ला वोवारनी डावस . 
* भाई पर यमराज नजर नही पड्या पाह्यजे ... भाई की उमर लंबी रह्या पाह्यजे , असी बहिन की कामना रव्हस.... माया रव्हस .बहिन भाई साठी पाची पकवान को पाहुनचार करस . 
* बहिन भाई क नाता ला समरपित इ तिवार भोयरी संस्कृति मऽ खास स .बहिन भाई को प्यार आन् सद्भावना को इ तिवार संदेस देस क सबन काम पकस्या नातो मोठो रव्हस .

लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

8 comments:

  1. मायबोली भोयरी मं भाऊबीज की खुब साजरी माहिती

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  2. भोयर समाज भाऊबीज कसी साजरी करस खूब साजरी माहिती

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  3. शुभ दीपावली
    अपनी बोली भाषा में लिखा अभिनंदन

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  4. भाई दूज की अच्छी जानकारी अपनी बोली भाषा में लिखी है अभिनंदन भैया जी भाई दूज की शुभकामनाएं

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