Monday, August 17, 2020

भोयरी संस्कृति , भाग - १९ : नागदिवा

( bhoyari dialect )( bhoyar people - bhoyari culture ) भोयरी संस्कृति , भाग - १९ : नागदिवा

शुक्ला मार्गशिरे पुण्या श्रावणे या च पंचमी ।
स्नानदानैर्बहुफला नागलोक प्रदायिनी ।।

भोयरी संस्कृति मऽ नागदिवा को तिवार मारगसिर्स ( अगहन ) मह्यना कऽ चांदनी ( उजरी ) पंचमी पासिन मारगसिर्स पुनव ( अगहन पुनव ) पावतर मनावन को रिवाज सऽ .
* महाराष्ट्र क कयी भाग म मारगसिर्स ( अगहन ) मह्यना कऽ चांदनी ( उजरी ) पंचमी ला च नागदिवारी मनावस आन् कुलदेवता की पूंजा करस .
* येनऽ पंचमी ला च नागपूंजा पंचमी , विवाह पंचमी , बांके बिहारी परगट पंचमी यी बी नाव स .
१ . दिनविस्येस : मारगसिर्स ( अगहन ) मह्यना मऽ भगवान सिरी राम आन् सीता देवी को ब्याह येनच पंचमी ला भयेतो . सीता देवी को ' स्वयंवर ' राजा जनक न जेन दिन राखेतो वू दिन होतो मारगसिर्स ( अगहन ) मह्यना की चांदनी ( उजरी ) पंचमी ! भगवान राम - सीता देवी क ब्याह संगच सिरी लछमन - देवी उरमिला , सिरी भरत - देवी मान्डवी , सिरी स्यतरुघन - देवी सृतकिरती को बी ब्याह भयो .

२. मान्यता : येनऽ पंचमी ला नागपूंजा बी रव्हस . स्कन्द पुरान कऽ अनुसार येनऽ पंचमी ला उपास धरकन् नाग पूंजा करनी वाला की कयी मनोकामना , इच्छा पुरी होस . याच पूंजा मनजे ' नागदिवा ' मराठी म नागदिवा ला नागदिवे , नागदिवाळी बी कोस .

३. पूंजा :  भोयरी संस्कृति मऽ जरी नागदिवा को तिवार पंचमी पासिन मारगसिर्स ( अगहन ) पुनव पावतर मनावस तरी येनऽ पूंजा ला बस्तरवार आन् मंगरवार वर्जिक स . इ दुय दिन सोडकन् बाकी दिन नागदिवा की पूंजा करता आवस .
# नागदिवा क  पूंजा साठी पाच , सात ,नव असा विस्यम संख्या म दिवा बनावस .
# नागदिवा पीठ , कनिक , पुरन का बनावस . यी दिवाना भाप म उकडस . भाप की सुबिधा नही जमी त् भात म च सिजवस . 
# नागदिवा क दिन कढय बी करस . ( सिरो ) 
# चवरी आघऽ चऊक पुरकन् वोपर खारी नही त् नवो कपडो धरस . वोपर आरती थाटी मांडस . वोनऽ आरती म जी दिवाना बनायता , वूई धरस . येनऽ दिवा को आकार दिवनाल सरिखो रव्हस . वोमऽ तूप आन् बात डावस आन् दिवा उजरस . बगल म कढय बी मांडस ‌. नागदिवा क आरती ला आप आपलऽ हिसाबकन् साजरी सजवस . आघऽ आन् कढय म उदबत्ती लगावस . नागदिवा आन् कढय की हरद - कुकू , अकसिद , बेल - फुल कन् पूंजा करस . रार - गुगुर बारस . 
# पूंजा करनी वाला महादेव मुखऽ रह्यकन् पूंजा करस . 
# कोनी कोनी का नागदिवा नवस का बी रव्हस .
# नागदिवा - कढय की पूंजा भया बाद आरती करस. 
# पीठ , कनिक , पुरन कन् बनाया नागदिवा को परसाद बनावस आन् गाय- बासरु ला निवद देस .

( सहयोग : सौ. पार्वतीबाई महादेवराव देशमुख ) 
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर .

19 comments:

  1. नागदीवा सण की खूब साजरी माहिती दीस धन्यवाद भोयर पवार समाज.

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  2. Good information about Nagdiva Sureshji Deshmukh Saheb.

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  3. भोयरी संस्कृती म नागदिवा त्योहार की खुब साजरी माहिती

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  4. भोयरी संस्कृती म नागदिवा त्योहार की खुब साजरी माहिती

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  5. सुरेख माहिती सुरेशभाऊ।।
    तुमच्या या लिखाणामुळे आम्हाला खूप माहिती मिळते।
    तुमचे हे कार्य असेच दिवसागनिक वृद्धिंगत व्हावे हीच सद्धीच्या।।

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  6. आपलो लेख अउर माताजी का ग्यान दोनो महान

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  7. भोयरी संस्कृतीला जिवंत राखणको काम आपण कर रह्यास...
    समाज बांधवनाला, नविन पीढीला जागो करनको शुभ काम आपल हातसीन होय रयस...धन्यवाद

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  8. very nice Kaka....we are inspired to you.

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    1. It's really good information about nagdiva festival in detail.

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  9. It's really good information about nagdiva festival in detail.

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