Wednesday, August 26, 2020

चक्रवर्ती राजा भोज जी की आरती. bhoyari dialect _ भोयरी बोली. bhoyar people _ भोयर लोग

चक्रवर्ती राजा भोज जी की आरती

Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
Bhoyar people _ भोयर लोग

जय जय जय , राजा भोज नृपति
हे कुलनंदन , वंदन अधिपति   ।। धृ.।।

लेयो अवतार , उज्जयनी नगर
कुर परमार , महाकाल नजर
बसंत पंचमी , जलम दिन तिथि
दुनिया म भयी , मालवा की किरती ।१।

माय सावितरी , पिता सिन्धुल राज्यो
नानऽ पन म च , सिंगासन बिराज्यो
धार राजधानी , चम् चम् करती
मालवांचल की , पावन भयी माती ।२।

माय सरोसती , ग्यान गुन सागर
भयी परसन्न , भरी ग्यान की घागर
भेटे वरदान , संगऽ बात करती 
ग्यान उजियारो , फैले सारऽ धरती ।३।

पोथी चवऱ्यास्सी , अति साजरी लिखी
सपी तिरसठ , करे मन ला दुखी 
कुपातर आमी , अनपढ कुमति
किरपा करजे , हे भोज महिपति ।४।

चार ठाव राज , तुमी न फयलाये
भागे दुसमन , तलवार चलाये 
न्याव ग्यान राज , भोजदेव किरती
मन म बसीस , तुमारीच मूरती ।५।

रस्ता क तुमारऽ , करू अनुकरन 
बाट दिखाडजे , सावितरी नंदन 
कुर देसमुख , सुरेस रची आरती 
भोयरी बोली म , गाऊ तोरी किरती ।६।

रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

4 comments:

  1. 👌👍👋 चक्रवर्ती महाराज राजाभोज की जय
    जय मायबोली भोयरी

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  2. वा राजा भोज की किरत को सुंदर बखान करेस, जय राजा भोज

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