Thursday, April 28, 2022

अजब गजब - ९१ : महाराज जगदेव पवार

अजब गजब - ९१ : महाराज जगदेव पवार
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
यशोद्यादित्य नृप: पितासिदैव पितृव्यस्त च भोजराज:।
विरेजंतुयों वसुंधिपत्य प्राप्तप्रतिष्ठाविद पुष्पदंतो ।।
_ आदिलाबाद अभिलेख 

महान राजा भोज को भाई मालवा नरेस उदयादित्य . राजा उदयादित्य ला महान राजा भोज को वारस मानस . राजा उदयादित्य ला दुय रानी होती . येक सोलंकी राजवंस की आन् दुसरी बाघेला राजवंस की ! 
लोकगाथा नायक वीर जगदेव पवार , सोलंकी राजवंस की रानी को पोरग्यो . बाघेला राजवंस की रानी को पोरग्यो , ' रिणधवल ' . राजा उदयादित्य न रिणधवल ला युवराज बनायो . 
महान राजा भोज को पुतन्यो ( भतीजो ) वीर जगदेव पवार साहसी योध्दा आन् सेनापती क रूप म देस म परसिध्द होतो . कई लोकगाथा को नायक वीर जगदेव पवार की कथा बी खूब स . इतिहासकार म बी कई मतभेद अन् बिचार स . 
गुजराती लोकगाथा ' रास - माला ' क नुसार , रिणधवल  युवराज बनन क बास्त वीर जगदेव जी न सेनापती पद सोड कन् मालवो सोड्यो . मालवा परीन वूई गुजरात आया आन् राजा सिध्दराज क फऊज की कमान संभाली . राजा सिध्दराज को जीव बाचाडन साठी वीर जगदेव जी न कंकाली माय ला आपलो डोकसो काट कन् चढायो . देवी माय परसन्न भयी आन् वीर जगदेव जी ला वापिस जित्यो कऱ्यो . 
संवत् इग्यारह इकांनवै , चैततीज रविवार ।
सीस कंकाली भट्टनै , जगदेव दियो उतार ।।
* राजा सिध्दराज न वीर जगदेव पवार जी ला मोठी जागीर देयी , आन् आपली पोटी वीरमती / कमोला को बिह्या बी कर देयो . 
* राजा सिध्दराज न मालवा प हमलो करन की तैयारी करी . वीर जगदेव पवार जी ला येकी खबर लागी . वून न तत्काल आपलो पद सोड्यो . आन् मायभूमी मालवा क सेवा साठी गुजरात सोड्यो . वोन बेरा मालवा पर वीर जगदेव पवार जी क पिताजी को च राज होतो . राजा उदयादित्य न आपलअ पोरग्या को स्वागत कऱ्यो आन् वोला आपलो वारीस नेम्यो . राजा उदयादित्य क सर्गवास क बास्त वीर जगदेव पवार जी मालवा को राजो बन्यो . 
धारा भितर मै बसु , मेरे भितर धार ।
जो मै चलू पिठ दे , तो लाजे जात पवार ।।
_ वीर जगदेव पवार जी
* राजस्थानी लोकगाथा म वीर जगदेव पवार जी नाव ' जगदेव पवार ' स , पर मालवी लोकगाथा म वून को नाव ' लक्ष्मदेव '( लक्षुमनदेव )  स . 
* वीर जगदेव पवार जी न बंगाल क पाल राजा , चेदी क कलचुरी राजा , अंग - कलिंग क राजा , दकसिन भारत क चोल राजा , कांगडा क कीर राजा ला हारायो . मालवा पर मुसलमान को हमलो भयो तब वीर जगदेव पवार जी न मुसलमानी फऊज ला बी हारायो . 
* वीर जगदेव पवार जी का चालाया सिक्का बरार आन् दक्कन म सापड्यास . याहान च कई अभिलेख बी सापड्यास . ( मालवा म नी सापड्या ) . महाराष्ट्र आन् तेलंगणा क हद जवर को गढचांदुर  वीर जगदेव पवार जी को राजधानी को ठिकानो होतो . 
* ११ वी अन् १२ वी सदी येनअ वीर राजा की पूंजा महाराष्ट्र , मध्य प्रदेस , छत्तीसगढ , गुजरात , राजस्थान , जम्मू काश्मीर , उत्तराखंड , हिमाचल प्रदेस , अमरकोट ( सिंध - पाकिस्तान ) म होस . येपरीन वून क वीरता अन् आस्कारा को अंदाजो आवस . 
* महान वीर जगदेव पवार जी को सर्गवास इ.स. ११५१ म भयो . 
* आपलअ देस म ४ राज्याना ला महादानी कोवस . राजो बलि , रघु राजो , राजो करन आन् राजो वीर जगदेव पवार जी ! समराट विक्रमादित्य आन् चक्रवर्ती राजा भोज की परम्परा वीर जगदेव पवार जी न आघअ चलाई . 
।। नमन वीर जगदेव पवार जी 🙏🙏।।

लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर




2 comments:

  1. वीर राजा जगदेव पवार जी के बारे में अद्भुत इतिहासिक जानकारी

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  2. धन्यवाद जी 🙏

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