Friday, July 16, 2021

अजब गजब - ७२ : महारानी सईबाई. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - ७२ : महाराणी सईबाई
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब  गजब ७० म फलटन रियासत की जानकारी लिखीती . निंबराज ( पह्यलो ) परमार ( पवार ) न मालवा मिन आय कन् फलटन रियासत की इ.स. १२८४ म  स्थापना करी . येन राज कुर ला ' नाईक निंबाळकर ' , ' फलटनकर ' नाव कन् वरखस . 
येन राज कुर क १२ व पिढी म का ' वणगोजी नाईक / जगपाल राव ' न ४० बरस राज कऱ्यो . इन को येतरो आसकारो होतो क मराठी म येक कहावत पडी , " राव वणंगपाल , बारा वजीर को काल "! महापराक्रमी वणगोजी नाईक को पोरग्यो ' मुधोजी नाईक ( दुसरो ) ' . 
* मुधोजी राजे नाईक निंबाळकर की येकली येक पोटी ' सईबाई ' . सईबाई क माय को नाव , रेऊबाई . 
२९ अक्तुबर १६३३ म सईबाई को जलम भयो . 
* फलटन रियासत क नाईक निंबाळकर घराना को भोसला घरानासिन पुरानोच नातो होतो . मायसाहेब जिजाबाई की माय म्हालसाबाई अन् सासुबाई उमाबाई या फलटन क च नाईक निंबाळकर घराना म की होती . 
* येक डाव राजे मुधोजी नाईक रियासत क काम सिन राजगड ला गयाता . संग सईबाई अन् दुसरा पोटुबाटूना बी होता . राजे मुधोजी की मायसाहेब जिजाबाई संग गोस्टीमाताना भयी , आवबिचार भयो . वोक बास्त राजे मुधोजी आराम करन ला गया . मायसाहेब जिजाबाई न आंगना म खेल रह्या पोटुना ला देखे . वोम येक पोटी खूबच साजरी अन् गुनवान दिस रहीती . वून न जानकारी काढी त वा  राजे मुधोजी की पोटी सईबाई निकरी . वून न राजे मुधोजी ला बलावनो धाड्यो . राजे मुधोजी ला अचंबो वाटे . आब च त मिर कन् आया , अनखिन कोनतो काम होयेन बटो ! राजे मुधोजी वापिस भेटन ला गया . 
' आमारऽ तुमारऽ खानदान को लय लेनोदेनो चलस . आब मु येक गोस्ट मांगूस .' मायसाहेब जिजाबाई न कह्ये .
' मु न कब मना करी . .... सांगो जी .' राजे मुधोजी न कह्ये . 
' हव कोवन क बास्त मुकरनो नी . मंजूर स ? ' मायसाहेब जिजाबाई न पुसे .
' मंजूर स जी...' राजे मुधोजी न ताडकन् कह्ये . 
' आमारऽ घर पोटी नहाय . आमारऽ सिवबा साठी सईबाई देवो जी .' मायसाहेब जिजाबाई न कह्ये . 
' मला मंजूर स .... बिह्या की तारीख निकारो...' राजे मुधोजी न खुसी कन् कह्ये . 
* स्यहाजी महाराज दकसिन क लढाई म गुत्याता . वून न उमाबाई ला पठायो . मायसाहेब जिजाबाई की माताजी म्हालसाबाई बी पुगी . मायसाहेब जिजाबाई को लय भार कम भयो . १६ मई १९४० ला पुना क लालमहाल म सिवबा अन् सईबाई को बिह्या भयो . बिह्या क बेरा सईबाई की उमर ७ बरस आन् सिवबा की उमर १० बरस होती . सईबाई लक्षुमी वानी साजरी , गुनवान होती . तलवार बाजी म त चांगला चांगला ला  पानी पाजन की कुवत होती . 
तत्कालीन कवी परमानंद क ' सिवभारत ' पोथी म येन बिह्या को वरनन स .
सईबाई निंबाळकर आब सईबाई भोसले बनी !
* महारानी सईबाई मायसाहेब जिजाबाई क मोठऽ लाड की होती . छत्रपती सिवाजी महाराज साठी त साकस्यात लक्षुमी ! वून ला हरदम वाटे क महारानी सईबाई क पायगुन कनच आपन ला यस भेट रह्येस . 
* महारानी सईबाई ला पह्यले तीन पोटीना भयी . १४ मई १६५७ म राजे संभाजी को जलम भयो . 
* संभाजी महाराज क जलम क बाद महारानी सईबाई बिमार पडी . हवापालट साठी मायसाहेब जिजाबाई संग महारानी सईबाई राजगड परीन परतापगड प आई , पर आराम नी लाग्यो . राजगड की हवा मानत नी तेकन , वून साठी छत्रपती सिवाजी महाराज न सिवापाटन ला बाडो बांध्यो . दवाई पानी भयी , वयीद हकीम भया , देवधरम कऱ्यो पर महारानी सईबाई क तब्येत ला आराम नी पड्यो . पुरा दुय बरस भया . बिमारी बाहाडत च गयी . 
* ५ सितंबर १६५९ ला महारानी सईबाई देव क घर गयी . तान्ह संभाजी महाराज ला मायसाहेब जिजाबाई न संभारे . छत्रपती सिवाजी महाराज क दुख ला त हद च नी रह्यी . 
असी मान्यता स क जब छत्रपती सिवाजी महाराज जी की आखरी सास चाल रहीती तब वून क मुंडा मिन ' सई ' स्यबद निकऱ्योतो . 
* महारानी सईबाई की दुय समाधीना स . येक पदमावती देऊर क आघ आन् येक राजगड क पायथा जवर क पाल खुर्द गाव ला गुंजवने नदी काठऽ . 
* छत्रपती सिवाजी महाराज जी आन् महारानी सईबाई को १९ बरस को संसार रह्ये . स्वराज को जोतो वून न संगमंग बांध्ये . 
# पवार वंस की पोटी महारानी सईबाई ला कोटी कोटी प्रणाम !

लेखक : इंजि . सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

5 comments:

  1. खुप खुप साजरी माहिती
    लाजवाब

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  2. अद्भुत इतिहासिक जानकारी

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    1. धन्यवाद नन्दलाल जी 🙏

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  3. खूब साजरी जाणकारी

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