Saturday, July 3, 2021

भोयरी संस्कृति - ४२ : घोंगडो. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

भोयरी संस्कृति - ४२ : घोंगडो
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

घोंगडो पुरानऽ जमाना पासिन हाथरन , पांघरन क काम म आवस . घोंगडा ला मराठी म घोंगडी कोस . पुरान काल पासिन रुसी , मुनी , संत , महात्मा न घोंगडा की महती सांगीस . 
घोंगडा ला हिंदू धरम म पवितर मानेस . येला विधी पूर्वक सुध्द मानेस ... अन् घोंगडा ला राजवस्त्र , देववस्त्र की जागा भेटीस ! 
१. घोंगडा की महिमा :
* रुगवेद म घोंगडा की महिमा स... 
रुगवेद : १०/२६
प्रत्यधिंयद्ण्यानाम श्वहयोरथानाम ।
ऋषी: स योमनुहिंतो विप्रस्य यावत्सख : ।
आधीषमानाया : पति: शुचायाश्च शुचस्यच ।
वासोवायो विनां वासांसिमम्रजत ।।
* संत ग्यानेसर महाराज क अभंग ( मराठी ) म घोंगडा को रूपक स . 
तुझे घोंगडे येकचि चोख । दुजेपणाच वोळख अमंगळ ।।
दे धडुत न घोंगडे मोठे । खिरपटे जळो देवा ।।
रखुमादेविवरु उदार झाला । घडौता केला ज्ञानदेवो ।।
* संत तुकाराम महाराज क अभंग ( मराठी ) म घोंगडा को रूपक देखो ..
खेळो लागलों सुरकवडी । माझी घोंगडी हारपली ।।
कान्होबा तो मीच दिसे । लाविलें पिसे संवंगडीया ।।
* नवनाथ भक्तीसागर : काळी कांबळी गुंतून बुंथी . 
* छत्रपती सिवाजी महाराज क दरबार म घोंगडो अहेर करन को रिवाज होतो . 
* घोंगडा की महती आयुरवेद म बी सांगीस . कई बिमारीना घोंगडो बापऱ्याकन् दूर होस , असो आयुरवेद म सांगेस . 
* सनतिवार , महापूजा , पारायन , भंडारो , जागरन , गोंधर ( गोंधळ ) , सत्यनारायन अन् कयी देवधरम क पूंजा म / विधी म घोंगडा को मान स . बिह्या , साखरपुडा की बयठक घोंगडा पर करनो , येला मान समजत होता . वूसोच तब्येत पानी साठी बी घोगडो फायदा को मानेस . घर म आया पयी पावना ला बसन साठी घोंगडो देन की पुरानी परंपरा होती . 
** घोंगडा की अऊर येक खास खासियत स . घोंगडो बाराई काल बापरता आवस . उनारा म ठंढो , हिवारा म गरम ( तातो ) , बरसाद म जलरोधक असो घोंगडो बहुगुनी स . घोंगडा कन् सरप , बिचू , मोह्यरज की मासी , खटमल जवर नी आवत .  येतरो पवितर अन् बहुगुनी दुसरो कोनतोच कपडो नहाय . 

२. घोंगडा का रूप : 
* घोंगडो ' खड्डा माग ' प बुनस . येक घोंगडा ला तीन किलो क जवरपास मेंढरा की लोकर ( उन ) लागस . येक घोंगडो बुनन ला ३ दिन पासिन त् १२ दिन लागस . गाव म येक जागा प रह्यकन् घोंगडा बुननी वाला ला ' खुटेकर ' कोस . आन् जी मेंढरा संग घुमस वून ला ' हटकर ' कोस . 
* सबसिन मह्यंगो घोंगडो मेंढरा क बछडा क जावरा पासिन बनावस . इ घोंगडो मुलाम रव्हस . 
* येकेरी घोंगडा ला ' झुगुर ' कोस . दुय घोंगडाना ला जोडकन सिवस वोला ' कांबळी ' कोस . आठ घोंगडा नी त् चार ' कांबळी ' क जोड ला ' बोद ' कोस . दुय पट्टा को नी त् चवरस घोंगडा ला ' चवाळे ' ( चवारो ) कोस , जेपर पूंजा मांडस . जुना येकेरी घोंगडा ला पटकूर / फटकूर कोस . 
बरसाद म घोंगडा की खोर डोकसा परिन लेस , वोला घोंगतो / घोंगडगुंची कोस . नाना पोटुना नानऽ घोंगडा की खोर डोकसा परिन लेस , वोला ' घोंगसी ' कोस . 
घोंगडा की थयली / झोरो बनावस , वोला गलंगती कोस . 
गडी मानुस ला जेवनी ( पोरो , दिवारी ला )  जेनऽ घोंगडा म  देस , वोला ' खोर ' कोस . 

३. बोली भास्या म घोंगडा परिन वाक्प्रचार : 
* घोंगडा प डायो - मरन क आखरी बेरा प मानुस ला गादी परिन खलतऽ घोंगडा प डावनो .
* घोंगडो गरा म पड्यो - लचांड पास लाग्ये .
* गरीब का गया घोंगडा , गरीब पड्या उघडा - मानुस पुरो च कंगाल होनो . 

# कयी काम म आवनी वालो , मजबूत टिकाऊ लाख मोल क घोंगडा को इ ' घोंगडो पुरान ' !!

लेखक : इंजि. सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

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