Monday, July 12, 2021

अजब गजब - ७१ : छतरपुर रियासत. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - ७१ : छतरपुर रियासत
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली


छतरपुर रियासत या बुंदेलखंड म होती . भोयरी बोली म क्रियापद क भूतकालीन रूप प बुंदेलखंड क बुंदेली बोली को असर सपस्ट दिसस . जसो : थो , हट्यो , भयो , गयो . वूसोच ' तृतीय पुरूस ' सर्वनाम प बी बुंदेली को असर दिसस . जसो : वू , वा , वुई ...
भोयरी बोली प इ बुंदेली बोली को असर त दिसस च , पर आमारऽ कयी तिवार प बी बुंदेलखंड को सपस्ट असर स . बहुड्डा ,  भुजलिया को तिवार , आठवी को तिवार इ मुख्य स ! 
* बुंदेलखंड बोल्या प ' महाराजा छत्रसाल बुंदेला ' को नाव आपरंग च आवस . 
तोडादार घोडादार
वीरनि सों प्रीति करी
साहस सों जीति जंग
खेत ते न चालियौ
होय जो नरेस देस
रैहे न कलेस रेस
मेरो कह्यो पालियौ ।
महाराजा छत्रसाल बुंदेला साठी या वरना परसिध्द स !
* इ.स. १६७१/७२ म दिलेरखान क छावनी मिन , बुरानपुर सिन महाराजा छत्रसाल बुंदेला छत्रपती शिवाजी महाराज ला भेटन साठी लुक कन् आया . येक मह्यना संग रह्या . तब छत्रपती शिवाजी महाराज न वून ला सांगे क , चाकरी सोडो अन् बुंदेलखंड म आपरो राज चलावो . 
* महाराजा छत्रसाल बुंदेला न बुंदेलखंड प इ.स. १७३१ वरी राज कऱ्यो . वून क वंसज को राज इ.स. १७८५ वरी टिक्यो . इ.स. १७७५ म वून न महाराजा छत्रसाल बुंदेला क नाव पर ' छतरपुर ' बस्याडो , आन् छतरपुर ला राजधानी करी . 
* इ.स. १८०६ म कुंवर सोने सिंह पवार ( सौनेजू )  न छतरपुर राज जित्यो . आन् छतरपुर राज ला ' पवार राज ' बनायो . 
* कुंवर सोने सिंह : इ.स. १७८५ - १८१६
* परताब सिंह : इ.स. १८१६ - १८५४ . इन ला राजा की उपाधी भेटी . 
* जगतराज : इ.स. १८५४ - १८६७ . परताब सिंह को पोरग्यो जगतराज जब ८ बरस को होता , तब वूई राजगादी प बस्या . जगतराज जी नाना होता , तेकन राजपाट को काम , परताब सिंह की दुसरी लाडी ( रानी ) न देख्यो .
* विश्वनाथ सिंह : इ.स. १८६७ - १८९५ .
* विश्वनाथ सिंह ( दुसरो ) : इ.स. १८९५ - १९३२ 
* भवानी सिंह : इ.स. १९३२ - १९४७ .
# इ.स. १९४७ म छतरपुर रियासत को बुंदेलखंड क संग विंध्य परदेस म विलय भयो . 
# इ.स. १९५६ म विंध्य परदेस को मध्यपरदेस म विलय भयो . 
# छतरपुर रियासत २९०० वर्ग किमी की होती . इ.स. १९०१ क सिरगनती क नुसार छतरपुर रियासत की आबादी १,५६,१३९ होती . 

लेखक : इंजि . सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर .
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2 comments:

  1. अद्भुत इतिहासिक जानकारी

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