भया आउट डेटेड
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
भया आउट डेटेड
गाव खेडा खेती माती
खसे गावगाडो चाक
कितऽ ढुंढू बाडी खाती ।१।
भया आउट डेटेड
जुनऽ बिचार का मोती
न्हाय पानी को भरोसो
लाग जायेन सवाती ।२।
भयी आउट डेटेड
पुरखा की ग्यानजोती
जुना ला लाग्या रुन्या
आब गूगल सोबती ।३।
भयी आउट डेटेड
सांज की बी दिवाबाती
दिन रात येकसार
मनऽ फयली भरांती ।४।
भया आउट डेटेड
नेग दस्तुर आरती
देखा देखी दुनिया की
तिराईत की किरती ।५।
भया आउट डेटेड
पहाडा की बी गिनती
मोबाइल , ल्यापटाप
इचकस नानी पाती ।६।
भयी आउट डेटेड
फेटो टोपी बांडी धोती
उपी चोरी लुगडा की
आंगभर की महती ।७।
भयी आउट डेटेड
बोलचाल की संगती
डाये कान म गा ठेपू
असी भयी भानामती ।८।
भयी आउट डेटेड
माय बाप की जी मती
बंद मुंडो पोटू आघ
उरफाटी काल गती ।९।
भयी आउट डेटेड
उमर की साडेसाती
दान जवानी को मांगे
बुजरुक जी ययाती ।१०।
रचना : इंजि. सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
खूब साजरी रचना
ReplyDeleteधन्यवाद जी 🙏
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