Thursday, June 24, 2021

बड सावितरी. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

बड सावितरी
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

आई बड सावितरी
म्हरो भरतार सावरो
घात बाई बोवाई की
गाव सिवार हिवरो ।१।

माती माय को भगत
जुत्यो डुपन डवरो
वोक संग जिंदगानी
मला वको च मावरो ।२।

म्हरो कुकू को किसनो
गुनी सत्यवान वानी
दिसे कडक ढेकुल
मन मंझार म लोनी ।३।

भोरो सदासिव म्हरो
गरसोरी को जी मनी
झुल्ये कारलो डोरलो
हिरदा म घरधनी ।४।

पोटी सावितरी की मु 
पुंजू बड सयीबाई
सात जलम कमाई
म्हरऽ कुकू की पुन्याई ।५।

कच्चऽ धागा क येढा म
गुफू पक्को नातो बाई
कुकू हरद को सोनो
माथा प चमक आई ।६।

सुख दुख संगमंग
आवबिचार बी येक
येवहार पानी म बी
धनी साफदिल नेक ।७।

मोठो कुटुम्ब खटलो
बड वानी जी पसारो
म्हरऽ राजा की मु रानी
गाव सिव आसकारो ।८।

राग लोभ का झटका
सवंसार को रायतो
मनधरनी कारन
मिरस च जी आयतो ।९।

असो जलम जलम
पुऱ्यो कुकू कन् नातो 
म्हरऽ कच्चऽ इमला को
पक्को करजेन जोतो ।१०।

रचना : इंजि. सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर




6 comments:

  1. वड साविञी ।।।अप्रतिम रचना ।।।वाह वाह ।।

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    1. धन्यवाद नागेश सर..🙏

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  2. वड साविञी ।।अप्रतिम रचना ।।वाह वाह ।।

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    1. धन्यवाद नागेश सर..🙏

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  3. बहुत ही सुंदर रचना हमारी परंपरा और धर्म संस्कृति के अनुसार आपका लेख बहुत अच्छा है

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    1. धन्यवाद नन्दलाल जी 🙏..
      आपके स्नेह तथा सहकार्य से ही यह संभव हुआ है..

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