⚜माय तं माय रव्हस ⚜
माय तं माय रव्हस ,
केती आरती गावनो
देस जलम वा माय ,
केती किरती गावनो ।
पर पाखंड ला देखो ,
बिह्या मं बदले नाव
माय बनन साठी वा ,
सोडस आपलो गाव ।धृ।
माय तं माय रव्हस ,
जीव को कुप रव्हस
आतो, भाऊज, मावसी ,
सास,काकी,मामी, जीजी
सेजारीन पाजारीन,
माय को रूप रव्हस
गार आमारं मुंडा की ,
वोमं बी माय को नाव।१।
जास लेकन दायजो,
गाडी मोटर सामान
सोनो नानो देज पैसा ,
येमं सं माय को मान?
वोको चित मन देखो,
काहे लगावो जी भाव।२।
रात दिन मरमर,
वोला किंमत नहाय
वोकं काम की गिनती ,
पैसा मं कही नहाय
वोकी सास..आस देखो,
वोला बी लागस झाव।३।
तोरी धन दवलत ,
वोको मोठो अभिमान
माय जमिन की माती,
भारी तुरसी को पान
दुइ बोल सहद का,
तुमी बोलो येकडाव।४।
नको करू पूंजापाती ,
वा तं दिवा की बाती
येक कोरा दुइ डोरा,
रस्तो दिखाडस जोती
जिती बारस दुस्मान,
करे हिरदामं घाव।५।
©✒ सुरेश महादेवराव
देशमुख , नागपूर
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