अजब गजब - ५० : अमरकोट
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
पाकिस्तान म कराची पासिन ३२५ कि.मी. पूरब म अमरकोट इ जिला को ठिकानो स . अमरकोट जिला की हद हिंदूस्थान ला लाग कन् स . येक जमाना म अमरकोट सिंध प्रांत की राजधानी होती . यहान अरधी आबादी हिंदू स आन् अरधी आबादी मुसलमान की स . अमरकोट पर हजार बरस पासिन परमार वंस क सोढा खानदान न राज करे .
अमरकोट नगर क मंझार म अमरकोट को किल्लो ( गढ़ ) स .
असी मान्यता स क अमरकोट को किल्लो अमरसिंग नाव क राज्यानऽ बांध्ये .
इतिहास : * जगदेव परमार क आठवी पीढी म महाराज बाहडदेव भयो . वूई विकरम संवत ११८३ ला बाडमेर क गादी पर बस्या . महाराज बाहडदेव को पोरग्यो छत्रपती चाहडराव न बाडमेर पासीन ५० कोस दूर शिवपुरी प राज करे . छत्रपती चाहडराव ला येक पोटी भयी , वको नाव कल्याण कॅंवर ... स्यक्ती सच्चिमाय माता मनजेच कल्याण कॅंवर ! छत्रपती चाहडराव जी ला येक पोटी आन् दुय पोटुना भया . मोठो पोरग्यो सांखला जी जिन न जांगूलदेस पर राज करे . नानऽ पोटु को नाव सोढा जी ...
विकरम संवत १२८२ पासीन सोढा जी न रतेकोट , थारपारकर आन् अमरकोट पर राज करे .
* सोढा जी ला दुय पोटुना भया . मोठो कुॅंवर चाचकदेव अन् नानो कुॅंवर दूदाजी . दूदाजी को पोरग्यो राणा महेंदरसिंग . राणा चाचकदेव को पोरग्यो राणा रायदेव न विकरम संवत १३०३ म अमरकोट , रतेकोट क सिंगासन पर बस्या .
* राणा रायदेव को पोरग्यो जेभरम सिंग आन् जेभरम सिंग को पोरग्यो राणा जसहड . राणा जसहड को पोरग्यो राणा सोमेश्वर . राणा सोमेश्वर जी ला चार पोटुना होता , राणा दुरजनसाल , राणा आशराव , भीमसिंग आन् तेजपाल . राणा दुरजनसाल न विकरम संवत १४०४ पासीन राजपाट संभाले . राणा दुरजनसाल को पोरग्यो राणा खिंवरा . राणा खिंवरा जी न विकरम संवत १४३९ पासीन राज करे . वून क पडपोतो राणा हमीर सिंह को राजतिलक विकरम संवत १५४२ ला .
* राणा हमीर सिंह मोठो वीर होतो . वून क राज म हुमायून राणा हमीर सिंह ला स्यरन आयाता . आपलऽ लाडी ला वोऽ अमरकोट म राख्येतो . अमरकोट म च अकबर को जलम भये . बात च हुमायून मऱ्यो . तेकन नान पन म च अकबर राज्यो बने . अकबर राणा हमीर सिंह को उपकार नी भुल्यो . वोनऽ राणा हमीर सिंह ला येक मुहर दी . वोनऽ मुहर को डाग राणा हमीर सिंह न आपलऽ राज क गाय, बयील आन् बाकी जनावर ला देये . वोनऽ डाग ला नाव पड्यो , ' हमीराणा डाग '! हमीराणा डाग वालऽ कोनतऽ बी जनावर साठी अकबर क राज को ट्याक्स ' जजिया ' नी लागत होतो , वूसोच हमीराणा डाग वालऽ जनावरना की बोली ( निलामी ) बी नी होत होती .
* राणा हमीर सिंह क बाद वून को पोरग्यो राणा बीसा गादी पर बस्या . विकरम संवत १६३३ म राणा बीसा न महाराणा परताप क मदत साठी आपलो मुहतो भामास्याह देयेतो .
* राणा बीसा को पोरग्यो राणा तेजसिंग . वून ला दुय पोटुना भया . येक राणा कान्हा आन् दुसरो राणा चाम्पा .
* राणा कान्हा न विकरम संवत १६८१ पासीन रतेकोट को राजपाट संभाले . वून को पोरग्यो राणा गोविंद सिंह . राणा गोविंद सिंह को पोरग्यो नारायण सिंह सोढा . नारायण सिंह सोढा जी न विकरम संवत १७१९ पासीन राज करे . वून क राज म विकरम संवत १७२५ पासीन मोठो अकाल पड्यो . वून न आपलऽ राज क लोगना साठी पुरो राजखजानो खोल डाये . सात बरस रह्ये येनऽ अकाल म तमाम जनता ला वून न पोसे . वून को पोरग्यो कुॅंवर गंगादास सिंह .
* राणा चाम्पा जी ला अमरकोट को राज भेट्येतो . वून का दुय पोटुना , येक राणा गंगा सिंग आन् दुसरो राणा हापा सिंग . राणा गंगा सिंग ला पाच पोटुना भया . राणा परताप सिंह , मान सिंह , सुरताण सिंह , भोपत सिंह आन् सूरजमल . आघऽ सुरताण सिंह जी न राजपाट संभाले .
* आबऽ वरतमान म अमरकोट ला वून की २६ पीढी स . २६ व पीढी का राणा हमीर सिंह . वून पोरग्यो कुंवर करनी सिंह जी .
* आबऽ क पीढी का पूरवज राणा अरजून सिंह क बेरा म हिंदुस्थान पाकिस्तान को बटवाडो भयो . वून न आपली जागीर पाकिस्तान म च राखन की सोची .
* राणा अरजून सिंह को पोरग्यो राणा चंदर सिंह पाकिस्तान पिपल पार्टी का संस्थापक सदस्य होता .
# अमरकोट क सोढा घराना मिन कई वंसज विधायक , सांसद , मंत्री बन्यास .
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
अद्भुत जानकारी
ReplyDeleteधन्यवाद...
DeleteKhub sajri jankari
ReplyDeleteधन्यवाद जी
Deleteबहोत बढ़िया जानकारी मायबोली ( भोयरी/ पवारी) म लिखी हय, पढ़ ख अच्छों लग्यो।
ReplyDeleteधन्यवाद डिगरसे साहेब...🙏
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