Saturday, December 5, 2020

अजब गजब - ३९ : चंद्रावती नगरी. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - ३९ : चंद्रावती नगरी 
Bhoyar culture_ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

चंद्रावती - - परमार राज की येक अवध नगरी सरखी पवितर आन् लंका सरखी वयभवस्याली राजधानी ! अचलगढ आन् चंद्रावती परमार वंस को मोठो ठिकानो .
राजस्थान क नानसऽ सिरोही जिला म राजस्थान - गुजरात क हद जवर चंद्रावती नगरी स . 
 ११ वी सदी पासिन इ.स‌. १३११ पावतर यहान परमार राज होतो . आबू क पायथा जवर आबू रोड पासिन ६ कि.मी. प बनास , सुकडी आन् सिवरनी नदी क तिरवेनी संगम पर परऽ दुनिया म परसिध्द चंद्रावती नगरी होती . परमार राज क बेरा चंद्रावती को दबदबो होतो . वोनऽ बेरा की चंद्रावती नगरी धनी , रयीस नगरी क गनती म आवत होती . चंद्रावती नगरी राजपाट , लढाई आन् बेपारी रस्ता  क केंद्र म होती . 
चंद्रावती ( चंद्रोती ) को आब चंदेला नाव स . 
आपन ला मोहेंजोदडो आन् हडप्पा को वयभव आन् संस्कृती मालूम स . वून क तोड को वयभव आन् संस्कृती चंद्रावती नगरी की होती . वहान की वास्तुकला जमाना क आघऽ की होती . चंद्रावती नगरी की वास्तुरचना भुकम्परोधी होती . वोनऽ बेरा चंद्रावती नगरी सरखो दुसरो आधुनिक नगर नी होतो . चंद्रावती नगरी म ९९९ देऊरना होता . ३३ कोटी भगवान को भुवान होतो चंद्रावती नगरी म ! जब सकार - झालपड्या देऊर म आरती होत होती , तब झांज - नगाडा - स्यंख आन् आरती को आवाज माऊंट अबू क सबसिन उच्ची जागा , गुरू शिखर पर आयकु आवत होतो . आब बी यहान का दगुडना बजाया त वोमिन आरती सरखो आवाज निकरस .
बेपार की चहल पहल , धन को लेनदेन , देव धरम को आगाज , आवनी जावनी वाला की भीड , आधुनिक तंतर की वास्तुकला कन् चंद्रावती नगरी को वयभव  पुनव क चंदर आन् चांदनी सरखो चमचम झलारत होतो . १२५ येकट म फयली या राजधानी धरम ,  सुख , धनसंपद की खदान होती . चारी किथिन पहाडीना आन् मंझार म हिरा सरखी दमकती चंद्रावती नगरी ! चंद्रावती नगरी वैग्यानिक ढंग कन् बनायीती . नाना मोठा उद्योग धंदा की भरमार होती . चंद्रावती बेपार संगच औद्योगिक नगरी बी होती . 

* येतरऽ वयभवस्याली परसिध्द नगर प दुस्मान की नजर नी पडेन , असो त होय नी सकत .. पसचिम को बेपार चंद्रावती परिन च होत होतो . मध्य काल म तुरक डकाइतना को हमलो चंद्रावती पर होतच होतो . 
* इ.स. १०२४ म महमुद गझनी को हमलो भयो . मारकाट आन् भयंकर लुटपाट भयी .
* इ.स. ११९२ म मुसलमान हमलावरना की मार चंद्रावती पर पडी . 
* इ.स. ११९६ म कुतुब उद्दीन आयबक सेनापती खुसराव खान की  येक लाख फऊज को हमलो चंद्रावती पर भयो . वोन बेरा वीर धरावर्षा परमार को राज होतो . वीर धरावर्षा जवर ३२०० पयदल फऊज आन् १२७५० घुडसवार होता . चंद्रावती की तमाम जनता लाठीकाठी , दातरा - कुराड लेकन राजा संग आया . वीर धरावर्षा न लढाई की छापामार कला कन् खुसराव खान ला मारे आन् वोकऽ येक लाख फऊज ला यमलोक म धाडे . 
वीर धरावर्षा आन् भाई यशोधवल मोठा वीर राजा होता . 
* चंद्रावती की खोज इ.स. १८२२ म करनल जेम्स टॉड न करी . वोनऽ आपलऽ किताब ' वेस्टर्न इंडिया ' म चंद्रावती की माहिती लिखीस . 
* परथा : परमार राज म यहान येक अनोखी परथा होती . राजा को असो आदेस होतो क जब कोई नवो कुटुंब चंद्रावती म रव्हन साठी आयेन तब हरेक घर वालो वोला येक इट आन् येक रुप्यो देन . वोकन नवो कुटुंब को घर आपरंग च बनत होतो .
* इ.स. १३११ म राव लूमा न चंद्रावती प कब्जो करे . तब पासिन यहान देवडा चौहान को राज रह्ये .
* इंदिरा गांधी जब पंतप्रधान होती तब वून क हत्या क तीन मह्यना पह्यले , ८ जुलाई १९८४ म यहान आयीती . वोनऽ बेरा क राज्यपाल मा . ओ. पी . मेहरा आन् मुख्यमंत्री सिवचरन माथूर ला चंद्रावती की सभ्यता , इतिहास को जतन आन् विकास करन साठी सांगेतो . 
# आज चंद्रावती म  ज्यान खोदेन वहान परमार राज क इतिहास की निस्यानी निकरस . आज चंद्रावती को खंडारो च दिसस .. दुनिया की या अनोखी राजधानी की नगरी राजनितिक उथल पुथल म नास भयी .

लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर 

4 comments:

  1. खूब साजरी माहिती.

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  2. शानदार इतिहास की जानकारी अभिनंदन भैय्या जी

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