अजब गजब - ४१ : गढ सिवाना
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
महाराष्ट्र आन् राजस्थान म १० - १० मील प गढ किल्ला स .
राजस्थान क बाढमेर जिला म सिवान गढ स . जोधपूर पासिन सिवान गढ ५६ कि.मी. दूर स . सिवान गढ हलदेस्वर पहाड प स . वोक चारी कितऽ रेती च रेती . सिवान पासिन ४८ कि.मी. पावतर ५६ पहाड की माला स . सिवान क किल्ला पर तलाव स , जेको पानी कब च नी आटत . काल रवो , अकाल रवो पानी वोतरो को वोतरो च ! येनऽ तलाव क गह्यराई को ठाव आज पावतर कोनी ला च नी लाग्यो . किल्ला प राजमहाल , तिरीकलास महाल का खंडारा स . येक वट्टा प सिवलिंग आन् वोक आघऽ नंदी स . सिवाना क आसपास हल्देस्वर देऊर , भीमगोडा देऊर , मोकलसर बावडी , अमरतिया भिर , आस्यापुरी माय को देऊर , जालोर को किल्लो स .
१. इतिहास : * सिवाना को किल्लो चक्रवर्ती राजा भोज को पोरग्यो सिरी वीर नारायण न १० सदी म बनाये . तब येनऽ मुलुख पर परमार राज होतो .
* बाद मऽ सिवाना पर जालोर क सोनगरा चौहान को राज रह्ये .
* सिवाना पर बाद मऽ राव मल्लिनाथ को भाई राठौड जेतमल को कब्जो भये .
२ . जौहर : सिवाना म दुय बेरा जौहर भये . २ जुलाई १३०६ म सिवान गढ पर अलाउद्दीन को हमलो भयो , तब पह्यलो जौहर भये . राजा शितलदेव की रानी आन् गढ क बाईना न जौहर करेतो . वोकऽ बाद अकबर क हमला क बेरा कल्लाजी राठौड की रानी आन् गढ क बाईना न जौहर करेतो .
३ . मान्यता : पांडव जब अग्यातवास म होता तब यहान आयाता . यहान भीम न आपलो टोंगरो जमीन पर मार कन् पातार मिसिन पानी काढ्येतो , असी मान्यता स .
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
अद्भुत इतिहास की जानकारी
ReplyDeleteधन्यवाद सर
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