Sunday, December 27, 2020

अजब गजब - ४६ : द ग्रेट वाॅल आफ इंडिया. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - ४६ : द ग्रेट वाॅल आफ इंडिया
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

टायटल बाचकन नवल वाटे होयेन .... ' द ग्रेट वाॅल आफ चायना ' त मालूम स , पन ' द ग्रेट वाॅल आफ इंडिया ' या कोनती भानगड होयेन बटऽ ??? 
' द ग्रेट वाॅल आफ चायना ' को बांधकाम चीन क पह्यलऽ समराट किन सी हुआंग न इसापूर्व ( इसापूर्व २२० - २०६ ) म चालू करेतो , असी मान्यता स . पर वको बांधकाम इसापूर्व ७ व सदी पासिन चालू होतो , असी बी मान्यता स . मिंग राजघराना न ( इ.स. १३६८ - १६४४ ) वोला अनखिन बांधकन बाहाडायी . ' द ग्रेट वाॅल आफ चायना ' की लंबाई २१,१९६ कि.मी. स . 
दुनिया की दुसरी मोठी दिवाल आपलऽ देस म स , ' द ग्रेट वाॅल आफ इंडिया ' ! आन् या दिवाल परमार कार की स !
राजा भोज की नगरी भोपाल पासिन २०० कि.मी. दूर रायसेन जिला क उदयपुरा जवर क गोरखपुर पासिन या दिवाल सुरू होस आन् भोपाल पासिन १०० कि.मी. दूर बरेली ( चवकीगढ किला ) पावतर जास . विंध्याचल क जंगल सिन चवकीगढ पावतर लंबी या दिवाल ८० कि.मी. स . या ' द ग्रेट वाॅल आफ इंडिया ' १५/१८ फिट उच्ची आन १०/१५ फिट चवडी स . कहान कहान येकी चवडाई २४ फिट बी भरस . डॉ. नारायन व्यास जी न येकी खोजबिन करीस . 
दिवाल क काठ काठ कन लय देऊर होता , जे का खंडारा आब बी दिसस . दिवाल क काठ कन तलाव बी स . वोन बेरा च तलाव क काठ कन पक्का घाट बी बांध्याता , जी आब बी दिसस . मंझार मंझार म पाह्यरेदारी साठी चवकी बी बांधीती . 
या दिवाल लाल बलुआ पत्थर कन बांधीस . पर येन बांधकाम म सिमिट चुना सरखो कोनतो बी मसालो नी बापऱ्यो . येकमेक म फसेन असा दगडना घडायकन वून ला ' इंटरलॉकिंग ' तकनिक कन रच्यास . कयी जागा पर लोहा की ' डॉवेल्स ' ( चपटी पट्टी , ज्या दुय पत्थर म सेदरा करकन् वोम फसावस ) बी स . 
१. इतिहास : रायसेन क आघ का गोरखपुर , नरसिंगपुर , जबलपुर वोन बेरा कलचुरी राज म होता . कलचुरी राज पासिन बचाव साठी आन् वून पर नजर ठेवन साठी १०/११ वी सदी म या दिवाल परमार राजा न बांधीती . 
२. हालत : * जंगल , पहाड म बनी येन दिवाल को कोनी मायबाप नहाय . परमार राज को इ अनोखो वयभव लावारीस पडेस . देऊरना की हजारों मूरतीना चोरी भयी , आन् आब बी चोरी चालू च स  . १००० बरस पुरानी या दिवाल खसखुस भयीस . वोक पत्थर की बी चोरी भय रहीस . 
* दुनिया की दुसरी सबसिन मोठी दिवाल को ना आपन ला कोनतो लेनो देनो नहाय ना सरकार ला .....
ना वोकी देखरेख स ना जतन...
* येतरी अजब गजब ' द ग्रेट वाॅल आफ इंडिया ' येक नामी पर्यटन ठिकान होय सकस ... पुरखाना की येतरी साजरी निस्यानी खतम होन क रस्ता प स . मोघा डैम क जवर येन दिवाल को साजरो हिस्सो बाचेस .... बाकी जागा पर बी दिवाल को जोतो साबूत स . थोडीबूत मूरतीना बी बाचीस , पर केतरा दिन बाचेन येको भरोसो नहाय ....
( असीच येक मोठी दिवाल राजस्थान क राजसमन्द जिला म कुंभलगढ ला बी स .)

लेखक : इंजि . सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर 

4 comments:

  1. परमार कालीन ग्रेट वॉल की अद्भुत जानकारी अभिनंदन भैय्या जी

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  2. खूब साजरी माहिती.

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