अजब गजब - ११ : बैतूल
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
दिल्ली - चेन्नई रेल लाईन पर भोपाल नागपूर क मंझार मध्यप्रदेस म बैतूल इ जिला को स्यहर स. पुरानऽ जमाना पासिन बैतूल बजार इ जिला को मुख्यालय रहेस . बैतूल देऊरना की नगरी , कयी कवि - लेखक को जलमस्थान आन् करमस्थान !! भक्तिभाव , साहित्य , उन्नत खेती , आजादी की अलख , खूब पढ्या लिख्या लोगना , पुरातन काल पासिन को इतिहास असा कयी गुनना या बैतूल की वोरख स .
१. इतिहास आन् मान्यता : * अकबर क नवरतन म को येक राजा टोडरमल क देखरेख म अखंड भारत की पेमाईस ( सर्व्हेक्षण ) भयी , वोनऽ पेमाईस को केंद्र बिंदू बैतूल ( बरसाली ) स .
* बैतूल महाभारत काल पासिन आबाद होतो .
* भोपाली तीरथ पर महासिवरातरी को मोठो मेलो लागस . यहान शिव गुफा आन् पारबती गुफा स . यहान च महाभारत काल म अरजून न गुप्त साधना करीती , असी मान्यता स .
* बैतूल क टिकारी भाग म रावन को पोरग्यो मेघनाद क नाव कन् मेलो भरस. आन् मेघनाद की पूंजा बी होस .
* बैतूल क अगल बगल म लय किल्ला ( किला , गढ ) स. ७ कि.मी. क दूरी पर खेडला ( खेरला ) को गढ , जेला राजा ईल न बनाये , असी मान्यता स .
* स्याहगढ पासिन १४ कि.मी. पर भंवरगढ स.
* इ. स. १८५७ क बगावत साठी तात्या टोपे जी न बैतूल म आय कन् आजादी की अलख जगायीती .
* कस्तुरबा गांधी जी आन् महात्मा गांधी जी न बी बैतूल ला आय कन् आजादी को मंतर देयेतो .
* इ.स. १९२२ म पह्यलो अखिल भारतीय न्यायालय बैतूल म बनायतो , जेका पंच पटेल भाईलोगना होता .
* बैतूल पह्यलो जिलो स , जेनऽ ९ मार्च ला ' कवि दिन ' क रूप म मनावनो चालू करे .
२ . बैतूल की खासियत : * बैतूल म उस ( गन्ना ) की फसल खूब होस . तेकनच यहान चारी आंग गुर ( गुड ) बनावन का कारखानाना दिसस . बैतूल ला गुर की नगरी बी कोस . यहान को गुर पुरऽ देस चव आन् मिठास साठी परसिध्द स .
* बैतूल को तिखाडी को तेल पुरी दुनिया म परसिध्द स आन् वोला ' बैतूल आईल ' क नाव कन् वोरखस . बैतूल को सागवान उच्ची दरजा ( कोटी ) को स .
* बैतूल पासिन ९२ कि.मी. पर ' कुकरु ' नाव की जिला की सबसिन उच्ची पहाडी . येनऽ पहाडी भाग ला बी कुकरु च कोस . या जागा पचमढी सरखीच स . यहान कयी काफी बगान स .
* बैतूल बजार आन् बैतूल म सव ( सेंबर ) क उपर देऊरना स . हरेक देऊर आन् जागा को आपलो येक इतिहास स आन् खासियत बी स .
* येक पुरानऽ जमाना की बावली ( बावडी ) स . वोकऽ काठ पर दुर्गा मंदिर स .
* बैतूल म सागौन बाबा , पहलवान बाबा का ठाना बी स.
* बैतूल बजार म देस को पाचवो धाम स , ' बालाजी पुरम ' ! बैतूल का सपुत , संसोधक ' सेम वरमा ' जी न आपली माय रुकमनी क याद म येला बनायेस . इ. स. १९९६ म वरमा जी सपरिवार तिरुपती बालाजी क दरसन साठी गयाता . वहान बालाजी दरसन क बाद म वून ला वाटे क आपलऽ जलमगाव म बालाजी धाम बन्या पायजे . वून न खुद का पयसा अदला लगायकन् यी परसिध्द धाम बनाये . ४ बरस लाग्या बालाजी पुरम बनावनला !! २५० फुट लंबो , १०० फुट चवडो आन् १११ फुट उच्ची देऊर बनाये . आघऽ को द्वार २४ फुट उच्ची स . बालाजी पुरम मंदिर क बांधकाम म उत्तर भारत आन् दकसिन भारत की मंदिर बनावट को मिसरो स . यहान ३०० फुट लंबो गंगा कुंड स . सेसनाग क पेट म गुफा , बाबा अमरनाथ असा कयी अचंबा यान बनायास .
# बैतूल नगरी की येतरी खासियत स क वोपर पुस्तक च लिखनो पडेन . !!!!!
" जय जय भोलेनाथ "
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
खूब साजरी माहिती
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteबहुत ही साजरो बखान किया है। अभिनंदन
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteभारतिय शहर भारतिय परंपरा ।।बैतुल शहर एक उत्तम उदाहरण ।।
ReplyDeleteएकदम सही जानकारी ।।
धन्यवाद सर
Deleteभारतिय शहर भारतिय परंपरा ।।बैतुल शहर एक उत्तम उदाहरण ।।
ReplyDeleteएकदम सही जानकारी ।।