Friday, October 9, 2020

अजब गजब - १२ : डोंगर देव. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - १२ : डोंगर देव
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

भोयर म डोंगरे , डोंगरदेव , डोंगरदिये आडनाव ( कुर ) स . पर मध्यप्रदेस म चौरई क सांख जंगल म येक " डोंगर देव " नाव को धारमिक ठिकानो बी स !! छिंदवाडा पासिन सूर्व्यामुखी ३५ कि.मी. पर चौरई यी तहसील को गाव स . पेंच नदी क बगल म डोंगर देव इ निसर्ग क चमत्कार को अचंबो करनी लाइक मोठी मोठी चट्टान की पहाडी ! डोंगर देव बाबा दरबार यी डोंगर देव चट्टान की पहाडी च स . निसर्ग को इ अद्भुत रूप आन् निसर्ग की पूंजा करनी वाला लोग या डोंगर देव की खासियत स . यहान क दुय मोठी मोठी पहाडी सरखी चट्टान मिन निकरनो आन् धरम दरबार क चट्टान क खलतीन निकरनो कमाल को च काम स . ... आस्था को काम स ! डोंगर देव पहाडी प आबऽ माता देवी आन् हनुमान जी की स्थापना करीस . असो यी डोंगर देव बाबा आन् धरम को दरबार ! 
१ . मान्यता : * यहान क दुय चट्टान क मंझार मिन निकर कन् लोगना आपलऽ पाप ला धोस , असी मान्यता स . आन् येनऽ चट्टान मिन जी लोगना नी निकर सकस , वूई पाप का भागीदारी रव्हस , असी बी मान्यता स .
* यहान क चट्टान ला भगवान भोलेनाथ को आसिरवाद स , असी मान्यता स .
* जी चट्टान क मंझार म फस जास , वोकऽ नाव कन् यहान क माता मंदिर म नारेल चढाये त् फस्यो मानुस आपरंगच निकर जास , असी मान्यता स .
* डोंगर देव बाबा क दरबार म मन्नत पुरी होस , असी मान्यता स . 

२ . मेला :  * दिवारी क बाद ग्यारस पासिन डोंगर देव को १५ दिन को मेलो भरस .
* डोंगर देव मेला ला १०० बरस की परम्परा स . 

लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

3 comments:

  1. जय हो डोंगर देव
    डोंगरे कुल की जानकारी
    अभिनंदन

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  2. आडनाव को इतिहास, एक समृध्द कल्पना.

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